भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में अपनी यात्रा और रहने के दौरान स्पेस प्रोग्राम में उनके योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन सैन्य सम्मान, अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा. गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की पूर्व संध्या पर यह ऐलान किया गया है.
शुभांशु ने 26 जून, 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की लॉन्चिंग होने के बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचकर इतिहास रच दिया था. वह स्पेस स्टेशन पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए. हालांकि, अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीयों में वह राकेश शर्मा के बाद दूसरे हैं, जो 41 साल पहले अंतरिक्ष में गए थे.
शुक्ला के अलावा, गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक, ग्रुप कैप्टन पीबी नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है. शुक्ला की 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा 1984 में कॉस्मोनॉट राकेश शर्मा के रूसी सोयुज में उड़ान भरने के 41 साल बाद हुई. एक फाइटर पायलट के तौर पर, शुक्ला के पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और An-32 सहित विभिन्न विमानों में 2,000 घंटे के उड़ान अनुभव का प्रभावशाली रिकॉर्ड है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 70 आर्म्ड फोर्सेज कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी, जिनमें से छह को यह सम्मान मरणोपरांत मिलेगा. इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (जिसमें एक मरणोपरांत शामिल है), एक बार टू सेना मेडल (वीरता) और 44 सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं. कीर्ति चक्र पुरस्कार पाने वालों में मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल हैं.
















Leave a Reply