वेब सीरिज ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले विवादों में घिरती जा रही है. फिल्म के टाइटल और कथित कहानी पर आपत्ति जताते हुए लखनऊ में फिल्म के डायरेक्टर और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. यह शिकायत सीएम के निर्देश पर हजरतगंज कोतवाली में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह की ओर से दर्ज की गई. पुलिस का कहना है कि फिल्म का नाम और प्रस्तुति एक खास जाति, विशेषकर ब्राह्मण समाज, को गलत तरीके से दर्शाती है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. मामले को लेकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी विरोध शुरू कर दिया है.
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि फिल्म का टाइटल समाज की छवि खराब करता है और ‘घूसखोर’ शब्द का प्रयोग आपत्तिजनक है. प्रयागराज के संतों ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने फिल्म को सनातन परंपरा के खिलाफ बताते हुए बैन की मांग की है.
विवाद बढ़ने के बीच फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडेय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कुछ दर्शकों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिसे समझते हुए फिलहाल सभी प्रमोशनल मटेरियल हटा दिए गए हैं. फिल्म में मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूचा और श्रद्धा दास मुख्य भूमिकाओं में हैं. इसका टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है और फिल्म इसी साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है.
















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