UP के संत कबीर नगर जिले में पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. धनघटा थाना क्षेत्र के डेवरी गांव में एक पति ने अपनी पत्नी का विवाह उसके प्रेमी से मंदिर में करा दिया. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था और इसे लेकर परिवार में विवाद चल रहा था.
जानकारी के मुताबिक, डेवरी गांव निवासी बुद्धिराम निषाद और फूलमती की शादी करीब 21 साल पहले हुई थी. दोनों ने प्रेम विवाह किया था. शादी के बाद उनके पांच बच्चे हुए. पिछले कुछ समय से फूलमती का गांव के ही अवधेश नाम के युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था. मामला बढ़ने के बाद करीब दो महीने पहले फूलमती घर छोड़कर अवधेश के साथ चली गई थी.
बाद में परिजनों और ग्रामीणों के समझाने पर फूलमती वापस घर लौटी, लेकिन इसके बावजूद पति-पत्नी के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ. लगातार चल रहे पारिवारिक तनाव के बीच बुद्धिराम ने पत्नी की इच्छा को स्वीकार करते हुए अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया. इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में फूलमती और अवधेश के विवाह की तैयारी की गई.
शिव मंदिर में प्रेमी से कराई शादी: फूलमती और अवधेश का विवाह अशरफपुर स्थित शिव मंदिर में कराया गया. इस दौरान परिवार के लोगों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही. शादी की रस्म पूरी होने के बाद बुद्धिराम ने दोनों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें साथ विदा कर दिया. पति के इस फैसले की जानकारी सामने आने के बाद गांव से लेकर आसपास के क्षेत्र तक यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
बुद्धिराम ने बताया कि करीब 21 साल पहले उसने भी फूलमती से प्रेम विवाह किया था. उसके मुताबिक, अब पत्नी का मन उसके साथ नहीं था और वह किसी दूसरे व्यक्ति के साथ अपना जीवन बिताना चाहती थी. ऐसे में उसने पत्नी की इच्छा का सम्मान करने का फैसला किया. बुद्धिराम का कहना है कि वह अब किसी तरह का विवाद नहीं चाहता और शांति से अपना जीवन बिताना चाहता है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल पांच बच्चों की देखभाल और उनके भविष्य को लेकर उठ रहा है. माता-पिता के रिश्ते में आए इस बदलाव का बच्चों पर क्या असर पड़ेगा और उनकी जिम्मेदारी आगे किस तरह निभाई जाएगी, यह गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बच्चों की वर्तमान स्थिति और उनकी देखभाल को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
‘उसकी खुशी में मेरी खुशी’: बुद्धिराम का कहना है कि जब पत्नी उसके साथ नहीं रहना चाहती थी और किसी अन्य व्यक्ति के साथ अपना जीवन बिताने की इच्छा रखती थी, तो उसने उसकी खुशी को स्वीकार कर लिया. उसका कहना है कि वह अब विवाद से दूर रहकर शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता है. पत्नी की खुशी के लिए उठाए गए इस कदम को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
वहीं, फूलमती और अवधेश के विवाह के बाद यह मामला इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है. 21 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते के खत्म होने और पति द्वारा खुद पत्नी की उसके प्रेमी से शादी कराने की घटना को लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं. पांच बच्चों वाले इस परिवार की आगे की जिंदगी कैसी होगी, इस पर भी ग्रामीणों की नजर बनी हुई है.
फिलहाल, इस अनोखी शादी की चर्चा संतकबीरनगर के डेवरी गांव और आसपास के इलाके में बनी हुई है. पति के फैसले ने जहां लोगों को हैरान किया है, वहीं पांच बच्चों की जिम्मेदारी और परिवार के भविष्य को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं.
















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