महाशिवरात्रि पर उज्जैन-काशी में गूंजा ‘हर हर महादेव’, उमड़ी भस्म आरती से मंगला आरती तक की आस्था

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महाशिवरात्रि पर उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में तड़के भस्म आरती और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के साथ देश शिवमय हो उठा. कानपुर से पुरी और जम्मू तक जलाभिषेक, हल्दी अनुष्ठान और शोभायात्राओं में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए कतारें लगी दिखीं.

काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं. बाबा विश्वनाथ का दूल्हे जैसा श्रृंगार किया गया. सुबह 2:15 बजे मंगला आरती हुई। बाबा को मोरपंख और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई. इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। अफसरों ने भक्तों पर फूल बरसाए.

आधी रात से मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे. उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में तड़के 2:30 बजे भस्म आरती के साथ 44 घंटे के निर्बाध दर्शन शुरू हुए, तो वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती और पुष्पवर्षा के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया.

कानपुर, देहरादून, पुरी और जम्मू तक शिवभक्ति की विविध झलकियां दिखीं. कहीं हल्दी अनुष्ठान, कहीं जलाभिषेक, तो कहीं रेत कला और शोभायात्रा. देश के कोने-कोने में गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला.

उज्जैन: तड़के 2:30 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट

उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे खोल दिए गए. इसके साथ ही परंपरा के अनुसार भस्म आरती हुई. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भस्म आरती के दर्शन करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया. इसके बाद केसर और चंदन का उबटन लगाकर श्रृंगार की प्रक्रिया शुरू हुई. दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से पंचामृत अभिषेक किया गया. फिर भांग और सूखे मेवों से सृष्टि के अधिपति का दिव्य श्रृंगार किया गया. अंत में भगवान को अति प्रिय भस्म अर्पित की गई.

भस्म आरती के दौरान एक विशेष क्षण तब आया, जब मंदिर की लाइटें बंद कर दी गईं और केवल दीपों की रोशनी में बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कराए गए. यह दृश्य देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. झांझ, मंजीरे और शंखध्वनि के बीच जब राजा महाकाल की आरती हुई, तो पूरा परिसर शिवमय हो गया.

काशी: मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला

उधर बाबा की नगरी वाराणसी में भी महाशिवरात्रि का उत्सव भव्य रूप से मनाया जा रहा है. तड़के सुबह बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती के साथ दर्शन की शुरुआत हुई. विशेष श्रृंगार के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की गई.

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने कतार में लगे लाखों श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया. हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा काशी गूंज उठा. श्रद्धालुओं का कहना है कि महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन जीवन को धन्य कर देते हैं.

मंगला आरती के बाद से लगातार लगभग साढ़े 43 घंटे तक बाबा काशी विश्वनाथ अपने भक्तों को दर्शन देते रहेंगे. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

हल्दी, जलाभिषेक और रेत कला की अनोखी झलक

देशभर में शिवभक्ति की अलग-अलग छवियां देखने को मिलीं. कानपुर के जागेश्वर महादेव मंदिर में महिलाओं ने महाशिवरात्रि से पहले हल्दी अनुष्ठान के दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाकर हल्दी अर्पित की, वहीं माता पार्वती की प्रतिमा पर भी पारंपरिक हल्दी रस्म निभाई गई.

देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया. वहीं ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर पद्मश्री से सम्मानित सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रेत शिल्प बनाकर शिवभक्ति व्यक्त की. वहीं जम्मू में महाशिवरात्रि जुलूस के दौरान भगवान शिव के वेश में सजे एक बच्चे ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया.

काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं.

देवघर: शिव बारात में 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकियां

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि को लेकर भव्य तैयारियां की गई हैं. परंपरा के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के विवाह का आयोजन होगा. पर्यटन विभाग की ओर से निकाली जाने वाली भव्य शिव बारात में 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकियां, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘कल्कि अवतार’ और साइबर जागरूकता जैसे समकालीन संदेश भी शामिल किए गए हैं. हाथी-घोड़े, नंदी-भृंगी, साधु-संतों और भूत-प्रेतों के स्वरूप में सजे बारातियों के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी.

टावर चौक पर ड्रोन और लेजर शो के जरिए शिव महिमा का विशेष प्रदर्शन होगा. करीब एक लाख श्रद्धालुओं के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचने की संभावना है. सुरक्षा के मद्देनजर लगभग दो हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. देवघर के एसपी सौरभ कुमार ने बताया कि शिवबारात मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई है. भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस बल तैनात रहेगा.

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