परीक्षा सुधारों के लिए बड़े कदम उठा रही है सरकार, राष्ट्रपति का संबोधन; 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी

Spread the love

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि परीक्षा सुधारों के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है और विद्यार्थियों के हित में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित, खासकर किसानों के लिए, एक निर्णायक कदम है.

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सटीक हमले करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया है. उन्होंने साफ किया कि आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को अंजाम भुगतना होगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत को नक्सल-मुक्त बनाना एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि है और बस्तर में तेजी से हो रहा विकास व सांस्कृतिक भागीदारी देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं.

राष्ट्रपति ने बताया स्वतंत्रता का सच्चा अर्थ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि स्वतंत्रता का सच्चा अर्थ तभी पूरा होता है, जब देश के सभी नागरिकों को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समान अवसर मिलें और वे भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में योगदान दें. उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिरंगा हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है और हर भारतीय इसे गर्व के साथ फहराता है. राष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ और प्रत्येक नागरिक स्वतंत्र भारत के भाग्य का निर्माता बना.

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश के निर्माण में विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, श्रमिक और किसान अहम भूमिका निभा रहे हैं. इसके अलावा खिलाड़ी, शिल्पकार, कलाकार, बुद्धिजीवी, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, न्याय व्यवस्था से जुड़े अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निवेशक और सामाजिक कार्यकर्ता भी राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान में दिए गए मौलिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने वाला प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार है.

सभी नागरिकों के योगदान की सराहना: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी नागरिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की प्रगति सामूहिक प्रयासों का नतीजा है. उन्होंने तीनों सेनाओं, सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की भी प्रशंसा की. उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय और विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों में कार्यरत अधिकारियों की भी सराहना की. राष्ट्रपति ने कहा कि ये लोग वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ने और भारत को विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प में योगदान देने का आह्वान किया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं. इनमें 9 कीर्ति चक्र (7 मरणोपरांत), 1 बार-टू-शौर्य चक्र, 19 शौर्य चक्र (1 मरणोपरांत), 5 बार-टू-सेना मेडल (वीरता), 36 सेना मेडल (वीरता) (5 मरणोपरांत), 3 नौसेना मेडल (वीरता) और 5 वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किए गए वीरता पुरस्कारों की सूची जारी की है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *