पुनीत शुक्ला, कानपुर।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में कर्ज से परेशान एक कमीशन एजेंट ने फांसी लगाकर जान दे दी.परिजनों के अनुसार वह घर के कमरे में पंखे के सहारे फांसी लगा ली. सूचना मिलते ही परिवार के लोग उसे नीचे उतारकर हैलट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
जानें पूरा मामला ? दरअसल, 37 वर्षीय रवि यादव जो बाइक, कार और पिकअप जैसे वाहनों की खरीद-फरोख्त कमीशन पर करता था. जांच के दौरान पुलिस को रवि की पैंट की जेब से पांच पेज का सुसाइड नोट मिला. सुसाइड नोट में रवि ने लिखा है कि वह मरना नहीं चाहता था, लेकिन आर्थिक तंगी और धोखे के कारण टूट चुका था. उसने युवराज यादव और उसके भाई संतोष यादव पर 10 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है.
10 लाख रुपये नकद दिए थे: जानकारी के अनुसार, सुसाइड नोट में लिखा है कि जनवरी में उसने युवराज को 10 लाख रुपये नकद दिए थे. दोनों ने मिलकर गाड़ी खरीदने और मुनाफा बांटने की बात कही थी, लेकिन बाद में पैसे नहीं लौटाए. रवि ने अपनी रजिस्ट्री गिरवी रखकर रकम जुटाई थी.उसने आरोप लगाया कि दोनों भाइयों ने उसके और उसके दोस्त रवि कुमार के नाम पर गाड़ियां फाइनेंस कराईं, लेकिन पैसा अपने खाते में मंगवाया.

रवि ने नोट में लिखा ? “मैं कर्ज में डूब गया हूं. लोग पैसे मांगकर जीना हराम कर रहे हैं. मैं मरना नहीं चाहता था, मगर क्या करूं” उसने अपनी मां से माफी मांगते हुए लिखा, “मां मुझे माफ कर देना, मैं अच्छा बेटा नहीं हूं” साथ ही उसने आरोपियों को सजा दिलाने की मांग की.
मृतक के भाई पंकज ने बताया कि आरोपी गाड़ियां बेचकर पैसा अपने खाते में मंगवाते थे और जब रवि पैसा मांगता था तो टाल देते थे. परिवार ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
















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