पुनीत शुक्ला, कानपुर।
उत्तर प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने पर बुधवार को कानपुर में प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. इसमें तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी की बातों से भाजपा उत्तरी जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित नाराज हो गए. वह गुस्से में कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए.
इतने में पीछे-पीछे हाथ जोड़कर तहसीलदार भाजपा उत्तरी जिलाध्यक्ष को मनाने लगे. काफी मान-मनौव्वल के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष राजी हुए और दोबारा लौटे, प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए.
इस पर अनिल दीक्षित ने सफाई दी, उन्होंने कहा- “सरकार के 9 साल का कार्यकाल पूरे होने की बैठक थी. इसलिए तहसीलदार ने मुझसे आकर कहा कि यहां पर संगठन के लोगों को नहीं बैठना, इसलिए मैं बाहर चला गया था. इसके बाद में DM ने कहा कि आप बैठ सकते हैं, तब मैं दोबारा जाकर बैठ गया.”

तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने भाजपा उत्तरी जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित से पहले हाथ मिलाया, फिर कुछ बातें की. इसके बाद नाराज होकर अनिल दीक्षित चले गए.
कांग्रेस बोली- जनसेवा का दावा फेल… अनिल दीक्षित की नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया X पर शेयर करते हुए यूपी कांग्रेस ने लिखा- अनुशासन की अर्थी: मंत्री की मौजूदगी में कुर्सी के लिए भिड़े भाजपाई. जनसेवा का दावा फेल… कानपुर में भाजपा की अंतर्कलह ने ‘अनुशासित पार्टी’ के मुखौटे को सरेआम उतार फेंका है. मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सी के लिए मची छीना-झपटी और नगर अध्यक्ष का गुस्से में बाहर निकल जाना भाजपा के भीतर की गहरी दरारों को जगजाहिर कर रहा है. जो पार्टी अपने पदाधिकारियों को एक मंच पर साथ नहीं बिठा सकती, वह प्रदेश चलाने के दावे कैसे कर सकती है?
यूपी कांग्रेस ने लिखा- सत्ता के अहंकार में चूर नेताओं का यह बर्ताव साफ दिखाता है कि इनके लिए जनसेवा से ज्यादा अपना ‘पद और कद’ महत्वपूर्ण है. ‘सबका साथ’ का नारा देने वाली भाजपा आज अपनों का ही साथ निभाने में पूरी तरह फेल साबित हो रही है.
मंत्री योगेंद्र बोले- अतीक संत था क्या? उधर, सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. धुरंधर-2 में अतीक अहमद के कैरेक्टर पर सपा और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर मंत्री ने कहा- अतीक संत था क्या, जो उसको गलत दिखा दिया गया. जिस आदमी ने एक होमगार्ड की खाल छीलकर सड़क पर फेंका और कप्तान को फोन करके कहा कि तुम्हारा आदमी पड़ा है, उठा ले जाओ. वह अगर संत है तो ऐसे सवाल ठीक हैं. क्या भाजपा के शासन में उसको रिलैक्शेसन मिला? भाजपा के शासन में उसे जेल मिली। इसके बाद मंत्री से उंगली से ऊपर की ओर इशारा किया…यानी जेल के बाद ऊपर चला गया.

गैस संकट पर मंत्री बोले- पैनिक न क्रिएट करें: शहर में चल रहे गैस संकट और एजेंसी के बाहर लग रही लाइनों पर मंत्री ने कहा- हम लोगों को पैनिक क्रिएट नहीं करना चाहिए. यह विश्व का दिया हुआ संकट है. आप कल्पना करिए जरा, इजराइल जैसा देश जो बीते चार साल से युद्ध कर रहा. यूक्रेन और रशिया के नागरिक क्या पैनिक हो रहे हैं? सिलेंडर की परेशानी दूर हो रही है. अकेला मेरा मोदी हर एक से बात भी कर रहा है, हर एक मामले शांत होंगे.
कालाबाजारी करने वाला देश के प्रति गद्दारी कर रहा: मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा- यदि कोई गैस की कालाबाजारी कर रहा है तो वह पाप कर रहा. देश के प्रति गद्दारी कर रहा है. शासन इसके प्रति बहुत गंभीर है। घरेलू सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वह बंट रहे हैं। गैस न मिलने पर मंत्री ने कहा- बहुत दिनों के बाद केरोसिन भी बंट रहा है. गैस संकट पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव के पास कोई मुद्दा नहीं है. न ही उनकी राष्ट्रीय विचारधारा है.
शहर में जो कमियां हैं, वह ठीक हो जाएंगी: शहर में बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल और खराब सड़कों के सवाल पर मंत्री ने कहा- गिलास बिल्कुल खाली था, आधा भर गया है. पहले से बेहतर स्थिति हुई है। जो कमियां हैं, वह ठीक हो जाएंगी. जाम के सवाल पर मंत्री ने कहा- इसका कारण जनसंख्या है.
















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