मुरादाबाद पुलिस ने बुधवार रात कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले बदमाश को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. आशु उर्फ मोंटी (40) उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर था. उसपर हत्या-लूट समेत 33 मुकदमे दर्ज थे। सिविल लाइंस इलाके में पोस्टमॉर्टम हाउस के पास एनकाउंटर हुआ.
आशु रंगदारी के मामले में फरार चल रहा था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था. पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुधवार रात सिविल लाइंस इलाके में घेराबंदी की. पोस्टमॉर्टम हाउस के पास पुलिस को देखकर वह बाइक से भागने लगा. पुलिस ने पीछा किया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग में बदमाश को 2 गोली लगी. इनमें एक गोली सीधे सीने में जा लगी. मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया. वहीं, एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.
वेस्ट यूपी का कुख्यात अपराधी उधम सिंह 4 साल, 8 माह और 5 दिन बाद 26 मार्च को जेल से जमानत पर बाहर आया था. उसकी रिहाई के बाद मेरठ पुलिस ने अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद से वेस्ट यूपी के तमाम जिलों की पुलिस अलर्ट मोड पर थी.
ऐसे उधम सिंह के संपर्क में आया: साल 2010 में आशु चड्ढा उर्फ मोंटी एक हत्या के मामले में जेल गया था. जेल में रहते हुए उसका संपर्क कुख्यात उधम सिंह गैंग के लोगों से हुआ. बाहर आने के बाद वह इस गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया. जमानत मिलने के बाद वह लगातार लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम देने लगा. इसके कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो गए.

एनकाउंटर के बाद एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की.
होम डेकोर आइटम विदेशो में एक्सपोर्ट करते हैं: शुभम ग्रीन विला निवासी अरशू ढल की बजीरचंद एक्सपोर्ट्स के नाम से फर्म है. वह ब्रास, ग्लास और वुडन के होम डेकोर आइटम 125 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट करते हैं.
अरशु ने पुलिस को बताया-12 मार्च की रात करीब 8 बजे मेरे मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मिस्ड कॉल आई। लगभग एक मिनट बाद व्हाट्सएप पर फिर से कॉल आई. जब मैंने कॉल रिसीव की, तो सामने वाले ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया. इसके बाद मैंने कॉल काट दी.
थोड़ी देर बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर कहा कि जल्दी पांच करोड़ रुपए का इंतजाम करो. 14 मार्च को दोपहर करीब ढाई बजे आरोपी ने फिर से व्हाट्सएप किया और धमकी दी कि तुम उधम सिंह को नहीं जानते. रकम नहीं दी तो जान से मार देंगे. इसके अगले ही दिन बाइक सवार बदमाश मेरी फैक्ट्री के गेट पर पहुंचकर फायरिंग कर दी.
गार्ड ने दर्ज कराई थी फायरिंग की FIR: फायरिंग की घटना के बाद सिक्योरिटी गार्ड उमेश ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई. एसएसपी मुरादाबाद सतपाल अंतिल पहले मेरठ में तैनात रहे हैं. इस वजह से उधम सिंह गैंग के बारे में अच्छे से जानते थे. उन्होंने गैंग का पता लगाने के लिए 5 टीमें लगाईं.
जमानत पर बाहर आया था आशु: हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला आशु उर्फ मोंटी हाल ही में जेल से जमानत पर छूटा था. इसके बाद से फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी.
बुधवार रात करीब 9 बजे आशु मुरादाबाद के अरशु ढल के पास रंगदारी लेने के लिए पहुंचा. वह जैसे ही पोस्टमॉर्टम हाउस के पास पहुंचा, पुलिस ने उसे घेर लिया. खुद को घिरता देख आशु ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.
पुलिस की जवाबी फायरिंग में आशु को दो गोलियां लगीं, जिनमें से एक गोली सीने में लगी. वह मौके पर ही गिर पड़ा. पुलिस उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
8 साल में 260 अपराधी एनकाउंटर में ढेर: राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 260 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है. इस दौरान 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 31,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 10,000 से ज्यादा को गोली मारी गई.
















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