दुर्लभ संयोग में ज्येष्ठ वट पूर्णिमा व्रत आज, भगवान जगन्नाथ करेंगे 108 कलशों से स्नान; जानें शुभ मुहूर्त

Spread the love

आज 29 जून 2026, सोमवार को  श्रद्धा-भक्ति के साथ ज्येष्ठ पूर्णिमा यानि वट पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है. आध्यात्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और मूल नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बना है.

तिथि का महत्व: पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि आज 29 जून को सुबह 4:02 बजे प्रारंभ हो चुकी है और यह 30 जून की सुबह 5:53 बजे तक रहेगी. चूंकि शास्त्रानुसार उदयातिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए आज 29 जून को ही स्नान, दान, व्रत और पूजा-पाठ करना शास्त्र सम्मत और अत्यंत शुभ है.  यह दुर्लभ संयोग आपकी पूजा-अर्चना और साधना को कई गुना अधिक फलदायी बनाने की क्षमता रखता है.

वट पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व: ज्येष्ठ पूर्णिमा को पूर्णता की तिथि माना गया है.  आज चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ उदित होगा, जो मानसिक शांति और समृद्धि का प्रतीक है.  सोमवार का दिन होने के कारण आज भगवान शिव की आराधना का भी विशेष अवसर है. 

वट पूर्णिमा व्रत पर पूजा का शुभ मुहूर्त: ज्येष्ठ वट पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:12 बजे से लेकर सुबह 05:00 बजे तक होगा. अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना अति शुभ माना गया है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से लेकर दोपहर 12:57 बजे तक. इस दिन अमृत काल रात 08:57 बजे से लेकर रात 10:45 बजे तक.

भगवान जगन्नाथ स्नान यात्रा: आज ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध स्नान यात्रा है, जहाँ देवताओं को 108 घड़ों से स्नान कराया जाता है. 

सत्यनारायण कथा: घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए आज सत्यनारायण भगवान की कथा का विशेष आयोजन करना अत्यंत शुभ है. 

चंद्रदेव की पूजा: पूर्णिमा की रात चंद्रमा को कच्चे दूध और गंगाजल से अर्घ्य देने से मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है. 

आज के विशेष पूजा एवं दान विधान आज के दिन का पूर्ण लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित विधियों का पालन करें:

पूजा और दान की विधियां

ब्रह्म मुहूर्त एवं स्नान: आज सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. यदि किसी पवित्र नदी में जाना संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
संकल्प: स्वच्छ वस्त्र धारण कर अपने घर के मंदिर में बैठकर व्रत और पूजा का दृढ़ संकल्प लें.
विष्णु-लक्ष्मी पूजन: भगवान विष्णु को पीले फूल और माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाकर विधि-विधान से पूजा करें.
शिव आराधना: आज सोमवार है, अतः शिवलिंग का जलाभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें.
दान-पुण्य: अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े, जल का पात्र या गोशाला में हरी घास का दान करें. ज्येष्ठ मास की गर्मी को देखते हुए जल से भरा घड़ा, पंखा और छाता दान करना अत्यंत पुण्यकारी है.

आज के नियम: क्या करें और क्या न करेंक्या करें:

➤सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें.
➤जरूरतमंदों की हर संभव मदद करें.  किसी भी याचक को खाली हाथ न लौटाएं.
➤घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए भजन या पाठ करें

.क्या न करें:

➤किसी भी व्यक्ति के साथ विवाद या झगड़ा न करें.
➤झूठ बोलने या किसी का अपमान करने से बचें.
➤तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) और किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूरी बनाए रखें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *