कानपुर में गोल्ड मेडलिस्ट स्टूडेंट्स फांसी के फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले नोट में लिखा- सॉरी पापा, मैंने 50 बार सरकारी नौकरी का प्रयास किया, लेकिन मैं सफल नहीं हो पा रहा था। मुझे माफ करना।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर डेडबॉडी को पंखे से नीचे उतारा। घटना के समय आनंद (23) के पिता और बाबा बड़े बेटे की शादी तय करने के लिए बिहार गए हुए थे। मामला शुक्रवार दोपहर एक बजे गोविंदनगर के गुजैनी की है।
बिहार के बक्सर के रहने वाले राजकुमार लोहिया प्राइवेट लिमिटेड से रिटायर हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी है। अमित, आनंद कुमार (23) और प्रिया। पिता और बेटा आनंद गोविंदनगर के गुजैनी में किराए के घर में रहते हैं। जबकि उनका एक बेटा अमित और प्रिया बिहार में ही सरकारी टीचर हैं।
पिता राजकुमार ने बताया- पांच दिन पहले वह बेटे अमित की शादी के लिए लड़की देखने के लिए बिहार गए थे, आनंद को भी उनके साथ ले जाना था, लेकिन ऐनवक्त पर उसने साथ जाने से मना कर दिया। 17 जुलाई को घर में काम के लिए नौकरानी पहुंची, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।
जिस पर उसने परिजनों और गोविंद नगर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसी तो अंदर उसका शव पंखे से लटकता मिला।
साल 2024 में PSIT बीटेक किया आनंद ने कानपुर के पीएसआईटी कॉलेज से 2024 में इलेक्ट्रिकल से बीटेक किया था। पूरे प्रदेश में थर्ड पोजिशन मिलने पर कॉलेज में ही 13 अगस्त 2024 को कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था।
बीटेक के बाद आनंद घर पर ही सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। इस दौरान उसने प्राइवेट जॉब भी ज्वाइन कर ली थी। उसके दोनों भाई-बहन सरकारी नौकरी में थे इसलिए उसे भी सरकारी नौकरी में जाना था।
गोविंद नगर थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि जांच के दौरान कमरे से पांच लाइन का सुसाइड नोट मिला, जिसमें सात से आठ बार सॉरी लिखा हुआ था, सुसाइड नोट में लिखा था कि मैने 50 बार सरकारी नौकरी का प्रयास किया, लेकिन मैं सफल नहीं हो पा रहा था, पापा सॉरी, मुझे माफ करना। प्रथम दृष्टया सरकारी नौकरी न लगने के कारण डिप्रेशन के चलते सुसाइड की जानकारी आ रही है।
















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