बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा से गठबंधन टूटने को लेकर बड़ा खुलासा किया है. मायावती ने अखिलेश यादव से गठबंधन टूटने की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में महज पांच सीटें मिलीं. इससे दुखी होकर अखिलेश यादव ने उनका फोन भी उठाना बंद कर दिया था. मायावती ने यह दावा अपनी बुकलेट में किया है. यह बुकलेट उपचुनाव और 2027 विधानसभा के लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बांटी जा रही है.
बुकलेट में मायावती ने कहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव में सपा को पांच सीटें मिलीं. वहीं बसपा को 10 सीटें मिलीं. उन्होंने कहा कि यही बड़ी वजह बन थी कि सपा के वरिष्ठ नेताओं ने फोन उठाना बंद कर दिया था. इस बुकलेट में मायावती ने सपा के साथ दो बार हुए गठबंधन के टूटने की वजह बताई है.
दरअसल, पिछले दिनों लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बसपा सदस्यों को 59 पन्नों की अपील वितरित की गई. इस बुकलेट में मायावती ने अपनी अपील में सपा के साथ गठबंधन को फिर से याद किया, जिसकी शुरुआत 1993 में हुई जब कांशीराम ने मुलायम सिंह यादव के साथ गठबंधन किया था. मायावती ने कहा है कि उस गठबंधन के टूटने वजह लखनऊ गेस्ट हाउस कांड था.
नए सिरे से दलितों के बीच समर्थन को फिर से बनाना चाह रहीं मायावती मायावती की अपीलों और संदेश को लेकर राजनीति गलियारों में चर्चा है. कहा जा रहा है कि मायावती इस बुकलेट के जरिए 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करना चाह रही हैं. यह एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है. लोगों का यह भी मानना है कि मायावती ने इस बुकलेट अपील के जरिए नए सिरे से दलितों के बीच समर्थन को फिर से बनाना है जो सपा और कांग्रेस की ओर चले गए हैं.















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