गोसेवा ट्रस्ट बनाकर देशभर से 100-करोड़ का फ्रॉड, कानपुर में अकाउंट होल्डर और बैंक कर्मी गिरफ्तार

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कानपुर पुलिस ने गुरुवार को 100 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी का खुलासा किया। गोमाता-गोसेवा रक्षा मंच ट्रस्ट के नाम पर करंट अकाउंट खोलकर फ्रॉड किया गया। पुलिस ने अकाउंट होल्डर सूरज निषाद और बैंक कर्मी विक्रम को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में शातिरों के नाम पर चार बैंक अकाउंट सामने आए। इनमें सिर्फ एक अकाउंट में 36 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस बाकी तीन अकाउंट की डिटेल खंगालने में जुटी है। डीसीपी ईस्ट ने बताया कि NCRP पोर्टल पर लगातार 9 राज्यों से 178 शिकायतें मिलीं थीं।

पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि ट्रस्ट के नाम पर खोले गए म्यूल खाते में दो साल में 36 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ। गिरफ्तार आरोपियों में फिनो पेमेंट बैंक का कर्मचारी विक्रम कुमार बिठूर का निवासी है। ट्रस्ट खोलने वाला सूरज निषाद मूल रूप से कोरा कारन फतेहपुर का निवासी है और वर्तमान में सनिगंवा चकेरी में रह रहा है।

आरोपियों के पास बरामद मुहर और मोबाइल फोन नंबर.

इनके पास से कल्याणपुर और उस्मानपुर वार्डों के पार्षदों की फर्जी मुहरें भी बरामद हुई हैं। सूरज पर फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और शाहजहांपुर में धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं जबकि विक्रम बाइक चोरी में जेल जा चुका है। वहीं, एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि ट्रस्ट के नाम खुले म्यूल खाते में पांच-छह राज्यों से करीब 178 शिकायतें मिली हैं।

शिकायतों के आधार पर सात करोड़ रुपये एनसीआरपी की ओर से लीन (अस्थायी होल्ड) किए गए हैं। सूरज लोगों को रकम दोगुनी करने व डिजिटल अरेस्ट करके ठगी की रकम गो-माता ट्रस्ट में मंगवाता था। दोनों ने मिलकर शहर की चार बैंकों में भी म्यूल खाते खुलवाए थे। इनमें भी ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। ये साइबर ठगों को भी म्यूल खाते उपलब्ध कराते थे।

सूरज और विक्रम के पास कुछ लेटर पैड भी मिले हैं। मुहरों और लेटर पैड के माध्यम से दोनों लोगों की नागरिकता प्रमाणित कर उसका इस्तेमाल म्यूल खाते खोलने और लोन पास कराने में करते थे। विक्रम के पास से पुलिस को बैंकों की नई पास बुक और चेक बुक भी मिली हैं। विक्रम फिनो पेमेंट बैंक में एकाउंट खोलने का काम करता था। सूरज ने ठगों का एक व्हाट्सअप ग्रुप भी बना रखा था जिसमें कोडवर्ड में बातचीत हुआ करती थी।

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