कानपुर में रही लगातार बारिश के चलते गुरुवार को जाजमऊ मक्कू शईद भट्ठे के पास गंगा किनारे अवैध रूप से बने अपार्टमेंट की बाउंड्री मिट्टी दरकने से ढह गई. इतना ही नहीं गंगा किनारे बने 40 से ज्याद फ्लैट वाली इस बिल्डिंग में भी दरारे आ गई हैं. इसके बाद से अपार्टमेंट में रहने वाले 40 से ज्यादा परिवारों के बीच दहशत और डर का माहौल है.
लगातार गंगा किनारे मिट्टी की कटान से अब यह अपार्टमेंट भी खतरे की जद में आ गया है. इतना सब होने के बाद भी अपार्टमेंट में रहने वाले लोग चुप्पी साधे हुए हैं. उनका कहना है कि अगर जिला प्रशासन को इसकी भनक लगी तो अपार्टमेंट खाली करा दिए जएंगे और उनके पास इस बारिश में कोई और दूसरा रहने का ठिकाना नहीं है. लोग अपनी जान जोखिम में डालकर अपार्टमेंट में रहने को मजबूर हैं.
जान जोखिम में डालकर अपार्टमेंट में रहने को मजबूर हुए 40 परिवार: जाजमऊ के मक्कू सईद भट्ठा इलाके में तीन मंजिला शकीना अपार्टमेंट बना हुआ है. यहां पर रहने वाले लोगों ने बताया कि 2011 में मानकों को ताक पर रखकर बिल्डर ने गंगा किनारे तीन मंजिला अपार्टमेंट बना दिया था. इसमें 45 से ज्यादा फ्लैट हैं, मौजूदा समय में 40 से ज्यादा परिवार इस अपार्टमेंट में रहते हैं.

बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने बताया कि कानपुर में हो रही लगातार बारिश के चलते गुरुवार सुबह अपार्टमेंट की गंगा की तरफ मिट्टी दरकने से पीछे की पूरी बाउंड्री ढह गई. इतना ही नहीं पूरी बिल्डिंग में भी दरारें पड़ गई. अगर गंगा में और कटान हुई तो अपार्टमेंट भी गिरने का खतरा है, लेकिन अपार्टमेंट के लोगों चुप्पी साधे हुए हैं. उनका मानना है कि अगर जिला प्रशासन या अन्य किसी विभाग के अफसरों को मामले की जानकारी हुई तो अपार्टमेंट खाली कराकर सील कर दिया जाएगा. इसके बाद वह फिर दोबारा इस फ्लैट में शिफ्ट नहीं हो सकेंगे. पूरे अपार्टमेंट में रहने वाले 40 से ज्यादा परिवारों में दहशत है, लेकिन कोई भी कैमरे के सामने नहीं आया.
एनजीटी भी बिल्डिंग को घोषित कर चुकी है अवैध: अपार्टमेंट और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बिल्डर ने मानकों को ताक पर रखकर गंगा किनारे बिल्डिंग बना दी थी. जबकि एनजीटी इस बिल्डिंग को अवैध घोषित कर चुका है. बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने बताया कि खरीदने के बाद उन्हें इस बात की जानकारी हुई थी, इस वजह से कुछ नहीं किया. बिल्डर ने लोगों से धोखाधड़ी करके फ्लैट बेचे थे.
अफसर नहीं चेते तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा: बाउंड्रीवॉल गिरने के बाद भी अभी तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा है. बारिश के कारण गंगा किनारे लगातार मिट्टी बहने से खतरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से तुरंत मौके का निरीक्षण करने, भू-कटाव रोकने और अपार्टमेंट की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो बाउंड्रीवॉल के बाद अपार्टमेंट के दूसरे हिस्से भी खतरे में आ सकते हैं. फिलहाल, गंगा किनारे जमीन के कटाव ने यहां रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है.
















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