कानपुर में ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया छोड़ा, 4 महीने बाद दोबारा हुई सर्जरी से पता चला

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कानपुर में पेट दर्द से परेशान महिला का ऑपरेशन किया गया. सर्जरी के दौरान उसके पेट में तौलिया छोड़ दिया। ऑपरेशन के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया. कुछ दिन बाद दोबारा पेट में दर्द शुरू हुआ. ऑपरेशन वाली जगह से मवाद निकलने लगा। परिवार के लोग उसे दूसरे अस्पताल ले गए.

वहां फिर ऑपरेशन किया गया तो तौलिया फंसा मिला. डॉक्टरों ने उसे बाहर निकाला। महिला के पति ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की है. कल्याणपुर थाना में भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.

एसीएमओ बोले- जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि, महिला का ऑपरेशन किस डॉक्टर ने किया. सर्जरी के दौरान किन लोगों की जिम्मेदारी थी. ऑपरेशन और डिस्चार्ज से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड में क्या दर्ज है. दूसरे अस्पताल में दोबारा सर्जरी के दौरान मिले तौलिये के संबंध में क्या चिकित्सकीय साक्ष्य उपलब्ध हैं. जांच के बाद ही लापरवाही और जिम्मेदारी तय हो सकेगी.

एसीपी कल्याणपुर दिलीप सिंह ने बताया कि- “मामले की शिकायत मिली है. इसकी जांच के लिए सीएमओ को कहा गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.”

कानपुर देहात निवासी वीरेंद्र कुमार खेती करते हैं. करीब चार महीने पहले उनकी पत्नी सोनी (24) को पेट में तेज दर्द हुआ. परिजनों ने उसे मकसूदाबाद स्थित ओमशांति हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. जांच के दौरान डॉक्टरों ने बच्चेदानी की ट्यूब फटने और पेट में खून जमा होने की बात बताई थी। इसके बाद महिला के ऑपरेशन की सलाह दी गई.

वीरेंद्र ने बताया कि ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक अजय ने सोनी का ऑपरेशन कल्याणपुर स्थित विश्वास हॉस्पिटल के किराए के ऑपरेशन थिएटर में कराया. 10 जून 2026 को ऑपरेशन हुआ. इसके बाद महिला को वापस ओमशांति हॉस्पिटल लाया गया. कुछ दिन बाद वहां से उसे डिस्चार्ज कर दिया गया. पति का दावा है कि ऑपरेशन के नाम पर उनसे करीब डेढ़ लाख रुपये लिए गए थे.

घाव से मवाद निकलने पर दोबारा अस्पताल पहुंचे परिजन: वीरेंद्र के अनुसार, कुछ दिन पहले सोनी को फिर से पेट में तेज दर्द होने लगा. पेट में जहां पर ऑपरेशन किया गया था, वहां से मवाद निकलने लगा. महिला की हालत को देखते हुए परिजन उसे 12 अक्टूबर को अकबरपुर के एक अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने को कहा। 13 अक्टूबर को दोबारा ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट के अंदर तौलिया फंसा मिला. डॉक्टरों ने तौलिया को बाहर निकाल दिया.

परिजनों का कहना है कि 4 महीना पहले हुए पहले ऑपरेशन के दौरान पेट में तौलिया छोड़े जाने के कारण महिला को दोबारा परेशानी झेलनी पड़ी. फिलहाल सोनी का अस्पताल में इलाज चल रहा है. हालांकि, मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि जांच और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी.

विश्वास हॉस्पिटल संचालक बोले- ओटी किराए पर दिया था: विश्वास हॉस्पिटल के संचालक जगदीश चंद्र विश्वास ने बताया कि उन्होंने ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक अजय को अपना ऑपरेशन थिएटर चार हजार रुपए किराए पर दिया था. उनके मुताबिक, मरीज ओमशांति हॉस्पिटल में भर्ती थी. ऑपरेशन से जुड़ी पूरी व्यवस्था उसी हॉस्पिटल के संचालक अजय ने कराई थी. उन्होंने कहा कि मरीज के इलाज से उनका कोई लेना-देना नहीं है.

ओमशांति हॉस्पिटल के संचालक अजय का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला. ऑपरेशन करने वाली सर्जन डॉ. रचिता निगम से भी संपर्क नहीं हो सका. इस कारण दोनों का पक्ष नहीं मिल सका.

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