पुलिस की वर्दी, IAS अकादमी का कार्ड और 15 लाख की ठगी… कानपुर में पकड़े गए फर्जी दारोगा की कहानी

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कानपुर (Kanpur) में एक व्यक्ति खुद को दारोगा बताकर महीनों से ठग रहा था. उसने अपने दोस्त के ससुर से जमीन खरीदने के नाम पर 15 लाख रुपये उधार लिए और कहा कि मैं तो दरोगा हूं. जल्दी ही आपका पैसा वापस कर दूंगा, लेकिन उसने पैसा नहीं वापस किया. इसके बाद पीड़ित ने शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने जब केस दर्ज कर जांच की तो पता चला कि वह लोगों को बेवकूफ बना रहा था. इसमें उसका साला और दोस्त उसे दारोगा के रूप में पेश करते थे.

दरअसल, कानपुर में कल्याणपुर के रहने वाले चंद्रभान सिंह से उनके दामाद सागर ने कहा था कि मेरा दोस्त संजीव यादव दारोगा है. कल्याणपुर इलाके में एसीपी के ऑफिस में तैनात है. चंद्रभान ने दामाद की बात पर भरोसा कर लिया. चंद्रभान के दामाद सागर ने ससुर से कहा कि संजीव को 15 लाख रुपये चाहिए. उसे अपनी पत्नी के नाम पर जमीन लेनी है, इनके पास अभी पैसा नहीं है, यह 15 20 दिन में वापस कर देंगे. चंद्रभान सिंह ने भरोसा करके पांच-पांच लाख करके तीन बार में संजीव को 15 लाख रुपये दे दिए.

इसके बाद जब चंद्रभान ने पैसे वापस मांगे तो संजीव कई महीने तक फर्जी चेक देकर बेवकूफ बनाता रहा. परेशान होकर चंद्रभान ने मामले की शिकायत कल्याणपुर पुलिस से की. शिकायत में चंद्रभान ने कहा कि मेरे दामाद ने अपने दारोगा दोस्त संजीव यादव को 15 लाख रुपये दिलवाए हैं, वह अब बार-बार फर्जी चेक देता है, लेकिन पैसा नहीं दे रहा है. पुलिस ने इस मामले में जब संजीव यादव को पूछताछ के लिए बुलाया तो वह आया नहीं.

मंगलवार को कल्याणपुर पुलिस को अचानक संजीव यादव की गाड़ी दिखी तो रोककर उससे पूछताछ की. इस दौरान चेकिंग की तो संजीव की गाड़ी में दारोगा की तीन-तीन वर्दी थीं. पुलिस ने पूछा तो पोस्टिंग की सही जगह भी नहीं बता पाया. पुलिस समझ गई कि यह फर्जी दारोगा है. इसके बाद चेकिंग में उसके पास से पुलिस की कई फर्जी मोहरें मिलीं. इसके साथ-साथ मंसूरी की लबासना आईएएस एकेडमी का भी एक कार्ड मिला है.

पूरे मामले को लेकर क्या बोले एसीपी?

एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडे का कहना है कि आरोपी संजीव यादव फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद का रहने वाला है. वह अपने साले हर्ष यादव के साथ मिलकर दोस्त सागर को शामिल करके ठगी करता था. वह खुद दारोगा बनकर लोगों को फंसाता था. उसने चंद्रभान सिंह से 15 लाख रुपये लिए थे. संजीव ने पुलिस की वर्दी और मोहरों का इस्तेमाल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी की. पुलिस ने संजीव के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. उसके साले और दोस्त की भी तलाश की जा रही है, जो इस ठगी में शामिल थे.

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