लखनऊ में एक युवक ने सड़क पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली. उसने गोली सामने से चेहरे पर मारी, जो सिर को चीरते हुए निकल गई. सुसाइड करने से पहले युवक ने 2 दोस्तों को वीडियो कॉल किया. कहा- अब हम दुनिया से विदा लेते हैं, घर वालों का ख्याल रखना. उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया.
घटना BBD थाना क्षेत्र में इंदिरा डैम के पास की है. गोली की आवाज सुनते ही अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. शव के पास से एक देसी तमंचा और बाइक बरामद की गई है. युवक का नाम अंकित (28) बताया जा रहा है और सरोजनीनगर का रहने वाला था.
दोस्तों ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी सूचना
अंकित ने सुसाइड करने से पहले जिन 2 दोस्तों को वीडियो कॉल किया था, उनके नाम समीर और राहुल हैं. अंकित की बातों को सुनकर समीर और राहुल ने उसके परिजनों को सूचना दी. साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देते हुए खोजबीन शुरू कर दी थी। बीबीडी इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया, अभी तक की जांच में पता चला है कि अंकित आध्यात्मिक प्रवृत्ति का था. गारमेंट की दुकान चलाता था. परिजनों से पूछताछ और जांच पड़ताल के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
चार माह बाद होनी थी शादी
अंकित अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. पिता बृजेश पाठक रामपुर में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं. बृजेश पाठक ने बताया कि बेटे के सुसाइड करने की बात सुनते ही पैरों के तले से जमीन खिसक गई. उसके दोस्तों और रिश्तेदारों को वीडियो कॉल पर बताए जगह पर फौरन जाने को कहा, जहां से उसकी मौत की खबर आई.
उन्होंने बताया, बेटा बहुत ही होनहार था। उसकी शादी तय हो चुकी थी. 4 माह बाद शादी होनी थी. करीब साल भर पहले ही सरोजनीनगर में गारमेंट की दुकान खोली थी. उसने यह कदम क्यों उठाया, परिजनों के साथ दोस्त भी समझ नहीं पा रहे हैं.
अध्यात्म की तरफ हो गया था रुख
अंकित के दोस्तों ने बताया, उसका अध्यात्म की तरफ रुख हो गया था. अपने दुकान से लेकर बाइक तक पर उससे जुड़े स्लोगन लिखवा रखे थे. उसकी बाइक पर भी लिखा है…मोक्ष क्या है, न किसी खोने का डर, न पाने की चाहत.















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