समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहराइच बवाल और हिंसा पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को घेरा है. मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने बहराइच हिंसा को सरकार और प्रशासन का फेलियर बताया है. अखिलेश ने इसके आगे बोला कि प्रशासन को शोभा यात्रा निकालने के रास्ते के साथ यात्रा में किस तरह का म्यूजिक बजाया जा रहा है. इन सबकी सही जानकारी होनी चाहिए थी. सिर्फ एक चौकी इंचार्ज को हटा देने से समस्याओं का समाधान नहीं होता है.
पर्याप्त इंतजाम नहीं थे
बहराइच हिंसा के बाद उन्होंने राज्य में हो रहे बाकी मुद्दों पर भी अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान अखिलेश बोले कि बनारस में भी रामलीला के दौरान पुलिस का पर्याप्त इंतजाम नहीं था. लखनऊ में कस्टोडियल डेथ के ऊपर बोले कि यूपी में सबसे ज्यादा कस्टोडियल डेथ पीडीए के लोगों की हुई हैं. तो मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या पर अखिलेश बोले कि जब जेड प्लस और वाई प्लस सिक्योरिटी में भी हत्या हो जा रही है. तो अब तो कही खड़े होकर गाड़ी का दरवाजा खोलने पर भी डर लगता है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछे सवाल
बहराइच हिंसा पर कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि हर घटना के बाद जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना बीजेपी सरकार के मंत्रियों और नेताओं का शगल बन गया है. बहराइच में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई ? सरकार के पास कोई खुफिया इनपुट क्यों नहीं था ? आशंका पहले से थी तो उसकी तैयारी क्यों नहीं की गई. तैयारी और कार्यवाही का बखान सिर्फ बयान बाजी और भाषणों में हो रहा है. सच्चाई ये है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों की जड़े और गहरी हो गई हैं. प्रदेश अपराध की भेंट चढ़ गया है. उत्तर प्रदेश से लोग जा जाकर महाराष्ट्र मुंबई में हत्याएं कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश की सरकार हर मोर्चे पर विफल है. चाहे अपराध नियंत्रण हो, भ्रष्टाचार हो या फिर पेपर लीक का मामला हो. उत्तर प्रदेश को भाजपा सरकार ने विनाश के रास्ते पर धकेल दिया है. इसका एक ही उपाय है कि भाजपा से मुक्ति ही प्रदेश को बचा सकती है.















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