भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने 8 विकेट से जीत हासिल की. न्यूजीलैंड को जीत के लिए 107 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने खेल के पांचवें दिन (20 अक्टूबर) लंच से पहले हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है. दोनों देशों के बीच दूसरा टेस्ट मैच 24 अक्टूबर से पुणे में खेला जाएगा.
36 साल बाद न्यूजीलैंड को मिली भारत में जीत
देखा जाए तो न्यूजीलैंड ने 36 साल बाद भारतीय धरती पर टेस्ट जीत हासिल की. इससे पहले उसने नवंबर 1988 में वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत को 136 रनों से पराजित किया. कुल मिलाकर भारतीय धरती पर न्यूजीलैंड की ये तीसरी टेस्ट जीत रही. न्यूजीलैंड को भारत में पहली टेस्ट जीत साल 1969 में नागपुर में मिली थी. तब उसने मेजबान टीम को 167 रनों से पराजित किया था.
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में महज 46 रन बनाए. इसके जवाब में न्यूजीलैंड ने 402 रन बनाए. इस तरह न्यूजीलैंड की टीम को पहली पारी के आधार पर 356 रनों की भारी बढ़त मिली. फिर भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में 462 रन बनाए और कीवियों के सामने 107 रनों का टारगेट सेट किया. न्यूजीलैंड की टीम अब तक भारतीय जमीन पर कोई भी द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी है. इस बार दोनों टीमों के बीच 13वीं टेस्ट सीरीज खेली जा रही है.

न्यूजीलैंड की दूसरी पारी की हाइलाइट्स:
न्यूजीलैंड की दूसरी पारी में शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले ही ओवर में उसने कप्तान टॉम लैथम का विकेट खो दिया. लैथम तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए. लैथम ने डीआरएस लिया, लेकिन वो बर्बाद चला गया. कीवी कप्तान अपना खाता भी नहीं खोल पाए. इसके बाद बुमराह ने दूसरे ओपनर डेवोन कॉन्वे को भी एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. कॉन्वे ने 17 रन बनाए, जिसमें तीन चौके शामिल रहे. कॉन्वे के आउट होने के समय न्यूजीलैंड का स्कोर 35/2 रन था. यहां से रचिन रवींद्र और विल यंग ने कीवियों को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. रचिन रवींद्र 39 और विल यंग 48 रन बनाकर नाबाद रहे. रवींद्र ने अपनी पारी में 6 चौके लगाए. वहीं यंग ने अपनी पारी में 7 चौके के अलावा एक सिक्स लगाया.
















Leave a Reply