UP के बहुचर्चित आईएएस अफसरों में से एक रहे 1995 बैच के IAS मोहम्मद मुस्तफा की 24 साल की बेटी रिधा मुस्तफा ने नोएडा सेक्टर 128 की नामी जेपी विशटाउन सोसायटी की 29वीं मंजिल से कूद कर जान दे दी है. जिसके बाद पूरी सोसायटी में सनसनी फैल गई. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस CCTV फुटेज को खंगाल रही है. पुलिस हादसे के दौरान सोसायटी में तैनात गार्ड से पूछताछ कर रही है. हालांकि अभी सुसाइड करने के पीछे का कारण सामने नहीं आया है.
क्यों थे चर्चित आईएएस
आपको बता दें कि IAS मोहम्मद मुस्तफा राजा भैया पर कार्रवाई कर चर्चाओं में आए थे. मोहम्मद मुस्तफा यूपी के प्रयागराज के रहने वाले हैं. 1995 बैच के यूपी कैडर के IAS अधिकारी हैं. आईएएस मोहम्मद मुस्तफा ने राजा भैया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ऑपरेशन चलाया था. गैरतलब है कि उन्होंने वह तालाब तालाब तक खुदवाया था, जहां मगरमच्छ रखने की बात कही जाती थी. आपको बता दें कि उन्होंने इसी साल जून में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी.
मोहम्मद मुस्तफा का प्रशासनिक करियर
– मोहम्मद मुस्तफा ने अपनी सरकारी सेवा की शुरुआत असिस्टेंट मजिस्ट्रेट और असिस्टेंट कलेक्टर के पद से की थी. चार महीने की प्रारंभिक प्रशिक्षण अवधि के बाद उन्हें 1997 तक बलिया में तैनात किया गया. इसके बाद वे देहरादून में प्रशिक्षण के अगले चरण में गए.
– दूसरे चरण की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 1997 में ही उन्हें मिर्जापुर का जॉइंट मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया. 2002 में मुस्तफा को कानपुर देहात का जिलाधिकारी (DM) बनाया गया. जिसके महज एक महीने बाद उन्हें शिक्षा विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई.
– उसी वर्ष नवंबर में उन्हें प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया. इसके बाद उन्होंने रामपुर, फतेहपुर, बलरामपुर जैसे जिलों में भी जिलाधिकारी और कलेक्टर के रूप में कार्य किया. 2011 में उन्हें झांसी डिवीजन का कमिश्नर बनाया गया. हालांकि उनका कार्यकाल केवल 4 महीने का था.
– 2012 से 2020 तक मुस्तफा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे. जहां उन्होंने वित्त विभाग के निदेशक और वित्त सेवाओं के संयुक्त सचिव के रूप में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद अगस्त से सितंबर 2020 तक उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा गया. फिर 15 सितंबर 2020 को उन्होंने उत्तर प्रदेश में लेबर कमिश्नर का पदभार संभाला.
















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