कानपुर में दिन भर धुंध छाई रही जिसकी वजह ला-नीना का सक्रिय होना है. मौसम विभाग की माने तो 12-13 जनवरी को एक नये पश्चिमी विक्षोभ के आसार हैं इससे स्थानीय स्तर पर कानपुर परिक्षेत्र समेत अन्य इलाकों में बूंदाबांदी के आसार हैं जिससे ठंड और बढ़ेगी.
रविवार को कानपुर आसपास अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री नीचे आ गिरा. इसके साथ ही जेट स्ट्रीम के साथ आ रही समुद्री नमी से धुंध और बादल बढ़ गए. सूरज सारा दिन बादलों की ओट में रहा. कोल्ड डे में शहरियों की कंपकंपी छूट गई. मौसम विभाग का कहना है कि पांच दिन इसी तरह कड़ाके की ठंड पड़ेगी. धुंध और कोहरा छाया रहेगा. इसके साथ ही मौसमी गतिविधि ला-नीना 50 से 70 फीसदी के बीच सक्रिय हो गया है. प्रशांत महासागर की सतह गंगा के मैदानी इलाकों को प्रभावित करेगी. इसके साथ ही 12-13 जनवरी को स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी के आसार हैं.
शनिवार देर रात से छाई धुंध और कोहरा रविवार को भी पूरे दिन बना रहा. माहौल में ठिठुरन बनी रही. वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि वातावरण में धुंध और बादलों की पर्त छाते की तरह बन गई है. इससे वातावरण में आ रहीं समुद्री नमी वाली हवाएं ऊपर नहीं उठ पा रही हैं. इसके साथ ही धूप नीचे नहीं आ पा रही है. इस समय ठंड का मुख्य कारण नमी है. 20 जनवरी तक ठंड का इसी तरह का माहौल बने रहने का अनुमान है. धुंध की वजह से सुबह आठ बजे दृश्यता सामान्य दो किमी के स्थान पर 230 मीटर रही है.
डॉ. पांडेय ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती घेरे के कारण नमी लगातार आ रही है. इसके साथ ही जेट स्ट्रीम सक्रिय हैं. ये पश्चिमी विक्षोभ को ला रही हैं. इसी वजह से समूचे उत्तर भारत में धुंध और कोहरे की चादर तनी हुई है. ला-नीना के सक्रिय होने से प्रशांत महासागर के सतह की ठंडक गंगा के मैदानी इलाकों में पहुंच रही है. इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में ठंडक के साथ बारिश भी होती है.
















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