द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारत और चीन ने 2020 से बंद पड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का फैसला किया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बैठक के दौरान नई दिल्ली और बीजिंग ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सहमति व्यक्त की.
कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बनी सहमति
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘दोनों पक्षों ने 2025 की गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला लिया है. संबंधित तंत्र मौजूदा समझौतों के अनुसार इसके तौर-तरीकों पर चर्चा करेगा. वे हाइड्रोलॉजिकल डेटा के प्रावधान को फिर से शुरू करने और सीमा पार की नदियों से संबंधित अन्य सहयोग पर चर्चा करने के लिए भारत-चीन विशेषज्ञ स्तरीय की बैठक जल्द आयोजित करने पर भी सहमत हुए.’
चीन की यात्रा पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री
विक्रम मिस्री भारत और चीन के बीच विदेश सचिव-उपमंत्री तंत्र की बैठक के लिए बीजिंग की दो दिवसीय यात्रा पर थे. यह बैठक रूस के कज़ान में अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुए समझौतों के अनुरूप आयोजित की गई थी. बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की.
बैठक के दौरान, दोनों देशों ने जनता से जनता के बीच संवाद को बढ़ावा देने और उसे सुगम बनाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने पर सहमति जताई, जिसमें मीडिया और थिंक-टैंक के बीच बातचीत को शामिल किया गया.
‘राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ’
विदेश मंत्रालय ने बयान में आगे कहा, ‘दोनों पक्ष मानते हैं कि 2025, भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है, जिसका इस्तेमाल एक-दूसरे के बारे में बेहतर जागरूकता पैदा करने और लोगों के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बहाल करने के लिए कूटनीति प्रयासों को दोगुना करने के लिए किया जाना चाहिए. दोनों पक्ष इस वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए कई गतिविधियां आयोजित करेंगे.’
















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