महाकुंभ भगदड़ का सच- ”मैं भी चिल्ला रही थी कि मुझे बचा लो… मुझे बचा लो… पर कोई बचा नहीं रहा था.”

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प्रयागराज में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान हुई भगदड़ में 30 लोगों के मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है जबकि साथ लोग घायल बताए जा रहे हैं. डीआईजी वैभव कृष्ण के अनुसार मृतकों में 25 लोगों की पहचान हो चुकी है. वहीं, दूसरी तरफ मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी के पास मृतकों के परिजन अभी भी मौजूद हैं.    

इस हादसे मे यूपी के ही जौनपुर की रहने वाली 2 महिलाओं की भी मौत हो गई थी. जिनके परिजन अभी भी डेड बॉडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. जौनपुर की रहने वाली जगवंती देवी अपने परिजनों के साथ मौनी अमावस्या का स्नान करने आई थीं. लेकिन भगदड़ की इस घटना में जगवंती देवी ने अपनी भाभी और अपनी मां को खो दिया.

जगवंती देवी ने बताया कि जब यह हादसा हुआ तो हमारी भाभी ने कहा- मेरी बच्ची को बचा लो. किसी ने मेरी 7 साल की भतीजी को बाहर की तरफ फेंक दिया और हमारी भतीजी बांस की बैरिकेडिंग पकड़कर काफी देर तक लटकी रही. तब जाकर इसकी जान बच पाई. लेकिन हमारी भाभी और हमारी मां नहीं बच पाई.

जगवंती देवी की भतीजी ने बताया, ”मैं भी चिल्ला रही थी कि मुझे बचा लो… मुझे बचा लो… लेकिन कोई बचा नहीं रहा था.”

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