महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब, सुबह से 60 लाख श्रद्धालुओं ने किया महास्नान

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महाशिवरात्रि पर आज महाकुंभ 2025 का छठवां और आखिरी स्नान हो रहा है. इस मौके पर बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु पावन संगम स्नान के लिए महाकुंभ में पहुंच रहे हैं. पूरे मेला क्षेत्र में हाई अलर्ट है. ड्रोन और एआई कैमरों से भी त्रिवेणी संगम की निगरानी की जा रही है. मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद रखा गया है. आज लगभग दो करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान है. सुबह से 8 बजे तक 60 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके थे. 25 फरवरी तक 64.77 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंचकर डुबकी लगा चुके हैं.

आज उमड़ी भारी भीड़ के मद्देनजऱ मेला क्षेत्र में हाई अलर्ट रखा गया है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की वही व्यवस्थाएं लागू की गई हैं जो इससे पहले हुए वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा के स्नान के दिन थीं. हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की भी तैयारी की गई है. शिवभक्तों पर 25 क्विंटल फूल बरसाए जाएंगे.

बुधवार को आखिरी स्नान पर्व के साथ 13 जनवरी से शुरू हुए 45 दिनी सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का समापन हो जाएगा. स्नान पर्व के एक दिन पहले अफसरों ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया. आईट्रिपलसी में बनाए गए कंट्रोल रूम में 24 घंटे के लिए टीम को तैनात किया गया है, जो हर वक्त हर गतिविधि पर नजर रखेगी. यह टीम घाटों पर, मेला क्षेत्र में, प्रमुख होल्डिंग एरिया, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए समन्वय बनाने का काम करेगी जिससे भीड़ बढ़ने पर समय रहते ही श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र के बाहर ही रोका जा सके. मेला क्षेत्र पूरी तरह से एकल मार्ग रहेगा. काली सड़क से प्रवेश और त्रिवेणी मार्ग से निकासी के निर्देश सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए गए हैं.

करीब के घाटों पर ही करें स्नान: श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अफसरों ने अपील की है कि अपने करीब के घाट पर ही स्नान करें जिससे स्नान भी हो और व्यवस्था भी बनी रहे. संगम के अतिरिक्त अरैल, झूंसी, रामघाट, दशाश्वमेध घाट, नागवासुकि आदि घाट पर स्नान की व्यवस्था की गई है. मेला प्रशासन ने महाशिवरात्रि से एक दिन पहले घाटों पर पुआल डलवाया. सफाई कराई गई। सफाई कर्मियों को हर घंटे घाट साफ करने का निर्देश दिया गया है.

शिव मंदिरों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता: महाशिवरात्रि पर प्रयागराज आने वाले श्रद्धालु संगम स्नान तो करेंगे ही साथ ही आसपास के शिव मंदिरों में भी जाएंगे। मेला क्षेत्र की बात करें तो सबसे करीब के शिव मंदिरों में दशाश्वमेध, सोमेश्वर महादेव और मनकामेश्वर मंदिर है. इन मंदिरों में सुबह चार बजे से पहले ही शिव भक्तों की कतार लग जाएगी. ऐसे में डीएम महाकुम्भ नगर विजय किरन आनंद ने अफसरों को निर्देश दिया है कि यहां पर कम से कम दो अधिकारी लगातार निगरानी रखें, जिससे किसी प्रकार की समस्या न हो. मंदिर में प्रवेश और निकास पर ध्यान दें.

कल सुबह तक मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन घोषित: महाकुम्भ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम हैं। मेला क्षेत्र को 27 फरवरी की सुबह आठ बजे तक नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. भीड़ देखते हुए प्रतिबंध बढ़ाया जा सकता है। संगम सहित अन्य स्नान घाटों पर पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. श्रद्धालुओं के आगमन और प्रस्थान का अलग-अलग मार्ग निर्धारित है.

महाकुंभ नगर के डीएम बोले- महाकुंभ नगर के डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि महाशिवरात्रि महाकुम्भ के प्रमुख स्नान पर्वों में एक है. श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. लोग सुगमता से स्नान कर सकें, इसके लिए प्रशासन व पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था की गई है.

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