दो टुकड़ों में कटा, 30 मिनट जिंदा रहा:हाथ जोड़कर बोला- बचा लो, बलिया का दर्दनाक ट्रेन हादसा

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बलिया रेलवे स्टेशन पर एक युवक दो हिस्सों में कट कर अलग हो गया. वह इसके बाद भी बोलता रहा- मुझे बचा लो. वह हाथ जोड़कर लोगों से मदद मांगता रहा. युवक की आधे घंटे बाद मौत हो गई. हादसा शनिवार को ट्रेन पकड़ने के दौरान हुआ.

घटना प्लेटफॉर्म नंबर दो पर करीब 10 बजे की है. युवक लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस पकड़ने की कोशिश कर रहा था. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

घघरौली थाना बांसडीह रोड निवासी संजीव पुत्र- दरोगा प्रसाद शनिवार सुबह छपरा जाने के लिए घर से निकला. उसे बलिया रेलवे स्टेशन से लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस पकड़नी थी. वह जैसे ही प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचा. ट्रेन चल चुकी थी. वह ट्रेन में बैठने के लिए दौड़ा. इतने में उनका पैर फिसला और वह ट्रेन के नीचे चला गया. शरीर दो हिस्सों में बंटा, तब भी कहता रहा बचा लो संजीव का शरीर ट्रेन से कटने के बाद दो हिस्सों में बंट गया. वह ट्रेन में फंसा तड़पता रहा. इसके बाद भी जिंदा रहा. वह लोगों से दोनों हाथ जोड़ कर कहता रहा- बचा लो. यह बोलते-बोलते उसकी आवाज बंद हो गई. मौके पर पहुंची जीआरपी ने संजीव को जिला चिकित्सालय पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

यह मृतक संजीव (30) की फाइल फोटो है

लोग बोले- पैर फिसलते ही ट्रेन के नीचे आ गया

स्टेशन पर मौजूद लोगों ने बताया- संजीव दौड़कर चलती हुई ट्रेन पकड़ रहा था. अचानक से उसका पैर फिसल गया. वह ट्रेन के नीचे आ गया. हम लोग उसे बचाने के लिए दौड़े. तब तक उसका शरीर दो हिस्सों में कट गया था. वह ट्रेन में फंस गया था. इसके बाद भी जिंदा था। हाथ जोड़कर बचाने की गुहार लगा रहा था. जीआरपी के मुताबिक, हादसे में संजीव का शरीर दो हिस्सों में कट गया. हादसे के बाद भी वे कुछ समय तक जीवित रहा. तुरंत उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. परिवार वालों को सूचना दी गई है.

छोटे भाई संजय ने बताया कि मृतक संजीव तीन भाईयों में बीच का था. भाई बोला- घर से खाना खाकर निकला था मृतक के छोटे भाई संजय ने बताया – मेरा भाई आज सुबह घर से खाना खाकर घर से निकला था. वह किसी काम से बिहार के छपरा जा रहे थे. बलिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़े तभी पैर फिसल गया. भाई यहीं बलिया में प्राइवेट नौकरी करते थे. अभी उनकी शादी नहीं हुई थी. हम लोग तीन भाई हैं.

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