होली मुबारक नहीं, शुभेच्छा…. , कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने दी सनातनी शब्‍द अपनाने की सलाह

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होली पर जाने-माने कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्‍होंने ‘होली मुबारक’ न बोलने की सलाह दी है. उन्‍होंने लोगों को होली मुबारक की जगह होली की शुभकामनाएं देने की सलाह दी. देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि हमारे यहां होली मुबारक नहीं होता है. हमारे यहां शुभेच्‍छा होती है. शुभेच्‍छा मतलब शुभ की कामना. उन्‍होंने लोगों को सनातनी शब्‍दों को अपनाने की सलाह दी.

कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने लोगों को इसके लिए कसम भी दिला दी. उन्‍होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों से ज्‍यादा से ज्‍यादा इस संदेश को फैलाने की अपील की. देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि होली पर काहें को मुबारक बोलते हैं? हमारे यहां शुभकामनाएं दी जाती हैं. बड़े हों तो कहें कि मैं तुम्‍हें होली का आशीर्वाद देता हूं. छोटे हों तो कहें कि मैं आपके चरण छूता हूं होली पर आप मुझे आशीर्वाद दीजिए. बराबर के हों तो कहें कि मैं आपको होली की बहुत-बहुत शुभकामना देता हूं.

कथा सुनने के लिए उमड़ती है भीड़: बता दें कि प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर लंबे समय से श्री भागवत कथा, रामकथा, देवी भागवत, गीता और शिव पुराण आदि पर प्रवचन देते हैं. उनकी कथा सुनने के लिए बड़ी संख्‍या में भक्‍त जुटते हैं. कथावाचक और आध्‍यात्मिक गुरु के रूप में उनकी प्रसिद्धि‍ है. वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं. उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. पिछले कुछ समस से वह देश में सनातन बोर्ड के गठन की मांग कर रहे हैं. देवकीनंदन ठाकुर का कहना है कि सनातन बोर्ड का गठन करना बहुत आवश्यक है.

उनका यह भी मानना है कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से दूर किया जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा था कि तिरुपति प्रसाद जैसा विवाद कभी दोबारा ना हो इसके लिए जरूरी है कि सनातन संस्कृति से जुड़े धर्माचार्य विद्वान सीधे तौर पर हमारे धार्मिक स्थलों की देखरेख, निगरानी और उनकी व्यवस्थाएं करें.

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