कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज सोमवार को चुन्नीगंज में डीआईओएस कार्यालय का औचक निरीक्षण किया साथ ही बिल्हौर तहसील में तहसील दिवस की जनसुनवाई से पहले चंपतपुर गांव की राजकीय गौशाला का औचक निरीक्षण किया जहां तीन करोड़ रुपये की लागत से बन रही. गौशाला की बाउंड्री वॉल और भवन का निर्माण कार्य अधूरा मिला.
सुबह-सुबह चुन्नीगंज में डीआईओएस ऑफिस में डीएम को देखते ही कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया. अटेंडेंस चेक करने पर उप शिक्षा निदेशक राजीव राणा खुद अब्सेंट मिले. रजिस्टर में अटेंडेंस चेक करते हुए डीएम चुन्नीगंज में शिक्षा विभाग पहुंचे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण के दौरान रजिस्टर लेकर कर्मचारियों के नाम बुलाकर उनकी उपस्थिति चेक की. डीएम के पहुंचते ही कर्मचारियों ने फोनकर मिलाकर अधिकारियों को जल्द ऑफिस आने की सूचना दी.
डीएम फोन पर अधिकारियों से बात करते हुए इसके साथ ही डीएम ने वहां उपस्थित जनता से उनकी परेशानी के बारे में पूछा. साथ ही एक-एक कार्यालय में जाकर वहां अनुपस्थित अधिकारियों और स्टाफ के नाम नोट किए. इस दौरान डीएम ने विभाग से ही एक वीडियो भी जारी किया.
डीएम बोले- विभाग में एक दर्जन कर्मचारी अनुपस्थित: वीडियो में उन्होंने कहा- आज चुन्नीगंज में शिक्षा विभाग के कार्यालय सह निदेशक, उप निदेशक और डीआईओएस 1 और 2 कार्यालय का निरीक्षण किया. इस क्रम में विशेष रूप से हमारे जो जेडी हैं वो मनोज द्विवेदी जी। उनके कार्यालय से एक-दो लिपिक अनुपस्थित हैं जो हमारे डीआईओएस सेकेंड हैं राजीव कुमार यादव. वो अबसेंट हैं. उनके कई कर्मचारी अबसेंट हैं.
डीएम बोले- अभी तक नहीं उतरा होली की छुट्टियों का खुमार उप निदेशक हैं राजीव राणा वो भी अनुपस्थित हैं, उन्होंने किसी ट्रेनिंग का बहाना बनाया लेकिन वो वहां भी नहीं पहुंचे हैं।. और यहां भी नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे बस जा ही रहे हैं. ऐसे में लग रहा है कि होली की छुट्टियों का खुमार अभी उतरा नहीं है. इसीक्रम में इनके वेतन रोकने की कार्यवाही की जा रही है. इसके साथ ही करीब एक दर्जन कर्मचारी जो अनुपस्थित हैं, सुबह 10:30 बजे तक. उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है.

गौशाला का औचक निरीक्षण: इधर बिल्हौर तहसील में तहसील दिवस की जनसुनवाई से पहले जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने चंपतपुर गांव की राजकीय गौशाला का औचक निरीक्षण किया। गौशाला में तीन करोड़ रुपये की लागत से बन रही बाउंड्री वॉल और भवन का निर्माण कार्य अधूरा मिला. कर्मचारियों ने मार्च तक भवन का निर्माण पूरा कर उद्यान विभाग को सौंपने का आश्वासन दिया.
जिलाधिकारी ने नवनिर्मित भवन की नींव में सीलन देखी. उन्होंने निर्माण कार्य में मिली अनियमितताओं के लिए एक्सईएन राजेश श्रीवास्तव और दीपक सिंह को जिम्मेदार ठहराया. डीएम ने यूपीसीएलडी विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच के आदेश दिए. साथ ही लापरवाही के लिए एक्सईएन से रिकवरी और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान विभागीय कर्मचारी भी मौजूद रहे.
















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