पाकिस्तान का शर्मनाक बयान, पहलगाम के नरसंहार को बताया क्रांति; भारत पर लगाए आरोप

Spread the love

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से पाकिस्तान पल्ला झाड़ रहा है. बुधवार को पड़ोसी मुल्क ने न सिर्फ हमले से कनेक्श होने से इनकार किया, बल्कि भारत पर ही अशांति फैलाने के आरोप लगा दिए. फिलहाल, भारत की तरफ से इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले को सबसे बड़ा अटैक माना जा रहा है, जिसमें 26 लोगों को गोलियों से भून दिया गया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने लाइव 92 न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, ‘पाकिस्तान का इससे कोई संबंध नहीं है. यह सब उनके ही घर में ही शुरू हुआ है. भारत के खिलाफ कथित राज्यों में क्रांति चल रही है. एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनों चल रहे हैं. नगालैंड से कश्मीर, छत्तीसगढ़ में, मणिपुर में ऐसा हो रहा है. इन सभी स्थानों पर भारत सरकार के खिलाफ क्रांति हो रही है.’

आसिफ ने कहा, ‘इससे हमारा कोई भी लेना देना नहीं है. हम किसी भी हालात में कहीं भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करते हैं और किसी घरेलू संघर्ष में मासूम लोगों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘ये सब घर में ही शुरू हुआ है. लोग अपने हक मांग रहे हैं। हिंदुत्व बल लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं, अल्पसंख्यकों को दबा रहे हैं और ईसाइयों और बौद्धों का उत्पीड़न कर रहे हैं. उन्हें मारा जा रहा है. इसके खिलाफ ये आंदोलन है. इसलिए ही ऐसी गतिविधियां वहां हो रही हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हमारी राष्ट्रीय नीति गैर लड़ाकों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं देती है, लेकिन अगर सेना या पुलिस भारत में कहीं भी अत्याचार अपने हक मांगने वालों के खिलाफ करेंगे, अगर वे विद्रोह कर रहे हैं और हथियार उठा रहे हैं तो पाकिस्तान पर आरोप लगाना आसान है.’

आसिफ ने कहा, ‘हमने लगभग हर रोज सबूत दिए हैं कि भारत बलूचिस्तान और अन्य इलाकों में अशांति फैला रहा है.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अशांति फैलाने का भारत का पुराना इतिहास है.

पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर पर्यटन स्थल बैसरन में मंगलवार दोपहर हुए एक आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा में हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे बड़ा हमला है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *