प्रयागराज में STF टीम से बदमाश को छुड़ा ले गईं महिलाएं: धक्का-मुक्की, कॉलर पकड़ा; कहा- आईडी दिखाओ

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प्रयागराज में STF की हिरासत से बदमाश को महिलाएं छुड़ाकर ले गईं. बुधवार रात टीम ने दबिश देकर बदमाश को पकड़ लिया. गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी, तभी घर की महिलाओं ने टीम को घेर लिया.मऊआइमा थाना क्षेत्र के जमखुरी गांव का है.

महिलाओं ने जवानों की कॉलर पकड़ ली. कहा – वारंट दिखाओ, जबरदस्ती घर में कैसे घुस गए? टीम ने समझाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं बहस करते-करते उग्र हो गईं. देखते ही देखते आसपास के लोग भी जुट गए. टीम ने लोगों को खदेड़ने की कोशिश की. इस बीच झड़प और धक्का-मुक्की हुई. इसके बाद महिलाएं बदमाश इमरान को खींचकर ले गईं. STF ने थाने में तस्करा यानी पूरी घटना नोट कराई है. 

महिलाओं ने STF टीम को घेर लिया और 20 मिनट तक हंमागा किया.

पुलिस के मुताबिक, STF टीम को सूचना मिली थी कि बदमाश इमरान घर पर है. इसके बाद देर रात टीम दबिश देने पहुंची. टीम ने बदमाश इमरान को पकड़ लिया. जब उसे लेकर जाने लगी, तो घर की महिलाएं और आसपास के लोग आ गए. भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया. टीम के साथ धक्का-मुक्की की गई. टीम ने समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ सुनने को तैयार नहीं थी. भीड़ बदमाश को छुड़ाकर ले गई. आरोपी इमरान को पकड़ने के लिए STF उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है.

वीडियो में क्या दिख रहा है? वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला जवान का कॉलर पकड़कर खड़ी है. बगल में 10-15 लोग खड़े हैं. मौके पर हंगामा हो रहा है. महिला कह रही है – आई कार्ड दिखाओ. इस पर जवान उंगली दिखाते हुए कहता है – मैं STF से हूं. यह सुनते ही महिला भड़क जाती है. कहने लगती है – जाओ पीछे. इस पर जवान कहता है – चिल्लाओ मत.

वारंट है कि नहीं? इसी बीच एक युवक कहता है- वारंट है कि नहीं? इस पर जवान कहता है – सब कुछ है भइया. जवान महिलाओं को समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे कुछ भी सुनने को राजी नहीं थीं. महिलाओं को उग्र होता देख STF के जवान गाड़ी में बैठने लगते हैं. इस बीच एक महिला चिल्लाकर कहती है- मुंह छिपाकर भागिए मत. वीडियो बनाओ और वायरल करो। गाड़ी के नंबर की फोटो ले लो. इसी बीच एक युवक वीडियो बनाते हुए कहता है – घर में कैसे घुसे? इस पर एक जवान उसका मोबाइल छीन लेता है. युवक कहता है- मेरा मोबाइल दो. इसी बीच ड्राइवर गाड़ी स्टार्ट कर देता है और चल पड़ता है. पीछे-पीछे भीड़ दौड़ती हुई दिखाई पड़ती है.

उग्र भीड़ को देखकर टीम बैकफुट पर आ गई: आखिर में टीम को वहां से भागना पड़ा. 2016 में प्लेन रुकवाकर इमरान को किया था अरेस्ट इमरान पर किडनैपिंग, फिरौती और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे 18 केस दर्ज हैं. 2016 में लखनऊ के जल निगम में तैनात इंजीनियर अब्दुल सलीम फरीदी का अपहरण कर इमरान ने 10 लाख रुपए फिरौती वसूली थी. इंजीनियर को प्रयागराज-लखनऊ मार्ग पर छोड़ दिया गया था. इस अपहरण कांड में एक महिला नीतू भी शामिल थी. बाद में इमरान और उसके साथी जीतेश ने पूरे रुपए हड़पने के लिए अपहरण में शामिल नीतू और संदीप की हत्या कर दी थी. दोनों की लाशें प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर मिली थीं. बाद में STF और यूपी पुलिस ने इमरान और उसके साथी संदीप को अमौसी एयरपोर्ट पर प्लेन रुकवाकर पकड़ा था. दोनों मुंबई की फ्लाइट में बैठ चुके थे. जहाज रनवे पर पहुंच गया था, तभी STF ने अफसरों से बातचीत कर प्लेन रुकवाया और दोनों को दबोचा था. वह 8 साल से जेल में था। 2024 में वह जमानत पर जेल से बाहर आया.

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