UP के ललितपुर के बाद मिर्जापुर में मधुमक्खियों ने 54 ट्रेनी दरोगा को दौड़ा-दौड़ाकर काटा. गांव के लोगों ने आग और कंबल से मधुमक्खियों को भगाया. इसके बाद सभी घायलों को मड़िहान सीएचसी पहुंचाया गया. यहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को जिला अस्पताल भेजा गया. सभी ट्रेनी दरोगा घायल हैं, 4 की हालत गंभीर है.
कानपुर रेंजर राजेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में ट्रेनी दरोगा की टीम मिर्जापुर पहुंची थी. घटना के समय सभी ट्रेनी दरोगा मड़िहान में झरीनगर पौधशाला का निरीक्षण करके लौट रहे थे. तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा.

घटना को लेकर रेंजर देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कानपुर से ट्रेनी वन दरोगाओं की टीम आई है. मंगलवार सुबह टीम ट्रेनिंग के लिए झरीनगर स्थित वन पौधशाला पर पहुंची. करीब 11 बजे यह टीम वापस लौट रही थी.तभी अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. आशंका है कि जिस समय ट्रेनी दरोगा पौधशाला के पास खड़े थे. उसी समय किसी चिड़िया ने मधुमक्खी के छत्ते पर चोंच मार दी, जिसके चलते मधुमक्खियों ने काटना शुरू किया. सोमवार को इस टीम ने चंदन वन का भ्रमण किया था. नई भर्ती के तहत कानपुर में वन दरोगा की ट्रेनिंग चल रही है.

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अफसर घायलों का हाल जानने पहुंचे. CHC में 1 घंटे चला इलाज पौधशाला पर मौजूद कर्मचारियों और ग्रामीणों ने आग जलाकर और कंबल से मधुमक्खियों को भगाया. मड़िहान सीएचसी में करीब एक घंटे इन्हें भर्ती रखा गया. इसके बाद सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस हमले में सुजीत सिंह, सुशील कुमार, राम सिंह यादव, नवदीप, राजेंद्र, विवेक, आशीष कुमार मिश्र, अभिषेक और अमित समेत कई ट्रेनी दरोगा घायल हैं. सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधेश्याम वर्मा ने प्राथमिक इलाज के बाद रेंजर राजेंद्र समेत 4 को गंभीर स्थिति में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया. घटना के बाद मुख्य वन संरक्षक अरविंद राज मिश्र ने सीएचसी मड़िहान पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना.
















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