बसपा प्रमुख मायावती ने पहली बार सोमवार को आजाद समाज पार्टी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर सीधे हमला बोला है. मायावती ने चंद्रशेखर की पार्टी को बीएसपी को कमजोर करने वाले बरसाती मेंढकों का संगठन बताया.
बसपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश में बीएसपी बहुजन हित की एकमात्र अम्बेडकरवादी पार्टी है. पार्टी हित में लोगों पर कार्रवाई करने व पश्चताप करने पर उन्हें वापस लेने की परम्परा है. इसी क्रम में आकाश आनन्द के उतार-चढ़ाव व उन्हें मुख्य नेशनल कोआर्डिनेटर बनाने से बहुत से लोगों में बेचैनी स्वाभाविक.
बता दें कि सांसद चंद्रशेखर ने रविवार को लखनऊ में कहा था कि आकाश आनंद को जनता ने नकार दिया है. मजबूरीवश उन्हें निकाला और लिया जा रहा है. उनके पास कोई विकल्प नहीं है. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का मैं सम्मान करता हूं. कांशीराम और भीमराव अंबेडकर के मिशन को अब हमारी पार्टी पूरा करेगी.

15 महीने में 2 बार उत्तराधिकारी बनाया: आकाश मायावती के सबसे छोटे भाई के बेटे हैं. उन्हें 15 महीने में 2 बार उत्तराधिकारी घोषित किया गया, लेकिन दोनों ही बार हटा दिया. सबसे पहले 10 दिसंबर, 2023 को यूपी-उत्तराखंड के नेताओं की बैठक बुलाई थी. इसमें मायावती ने अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित किया था. पार्टी की विरासत और राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने भतीजे पर विश्वास जताया था. 7 मई, 2024 को गलतबयानी की वजह से सभी जिम्मेदारियां छीन ली. आकाश को अपने उत्तराधिकारी पद के साथ ही नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से भी हटा दिया था.
मायावती ने कहा था कि आकाश अभी अपरिपक्व (इमेच्योर) हैं. 47 दिन बाद मायावती ने अपना फैसला पलट दिया था. 23 जून, 2024 को फिर से उत्तराधिकारी बनाया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी सौंप दी, लेकिन 2 मार्च 2025 को उनसे फिर सारी जिम्मेदारियां छीन लीं. 3 मार्च को उन्हें पार्टी से ही बाहर कर दिया गया.
















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