अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के राम दरबार में राजा राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं. सोमवार को 351 महिलाएं कलश यात्रा लेकर निकली हैं. इस यात्रा में राम मंदिर के ट्रस्टी चंपत राय, डॉक्टर अनिल मिश्रा भी शामिल हुए.
यात्रा की शुरुआत से पहले दोपहर 3 बजे सरयू नदी पर पूजन हुआ. फिर संत तुलसीदास घाट से यात्रा शुरू हुई जो शास्त्री नगर सिंगर घाट होकर हनुमानगढ़ी तिराहा पहुंची है. इसके बाद राम कोर्ट दशरथ महल रंग महल होकर रामजन्मभूमि में प्रवेश की. 3, 4 और 5 जून को विधिवत पूजन और अनुष्ठानों के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी.

संत तुलसीदास घाट से 351 महिलाएं कलश सिर पर लेकर निकलीं.
DM निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया- इस आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से कराने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. श्रद्धालुओं के दर्शन में किसी प्रकार की बाधा न आए. इसके लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को चुस्त किया गया है. प्राण-प्रतिष्ठा में कई वशिष्ठ अतिथियों के शामिल होने की संभावना है. इन 7 मंदिरों में होनी है प्राण प्रतिष्ठा मंदिर के फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार की स्थापना हुई है, जबकि परकोटे में 6 मंदिरों में भगवान सूर्य, गणेश, हनुमान, शिव, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा की मूर्तियां स्थापित की गई है.

इस कलश यात्रा में राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा कलश लेकर पैदल चल रहे हैं.
इन्हीं मंदिरों में 5 जून को प्राण प्रतिष्ठा होगी. इसके अलावा, सप्त मंडपम में 7 मंदिर बने हैं. इनमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या और शबरी की मूर्ति स्थापित की जा चुकी है.
















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