बहराइच में 8 महीने बाद फिर से भेड़िए की एंट्री हो गई है. यहां भेड़िया 2 साल के मासूम को मां की गोद से छीनकर खा गया. सोमवार रात 12 बजे मां बच्चे को गोद में लेकर घर में चारपाई पर सो रही थी, तभी भेड़िया अंदर घुस गया.
बच्चे की गर्दन जबड़ों में दबाकर भागने लगा. बच्चे की चीख सुनकर मां जाग गई. देखा तो भेड़िया बेटे को लेकर भाग रहा था. वह शोर मचाते हुए उसके पीछे दौड़ने लगीं, लेकिन भेड़िया भाग निकला. इसके बाद परिजन और ग्रामीण रातभर खेतों और जंगलों में बच्चे को खोजते रहे. सुबह 5 बजे गांव से दो किमी दूर गन्ने के खेत में बच्चे का शव मिला. उसके दोनों हाथ और एक पैर भेड़िया खा चुका था. लाश देखते ही मां बेहोश हो गई. घरवालों ने पानी के छींटे मारकर उन्हें होश में लाया. ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी. पूरा मामला महसी तहसील के गढ़ीपुरवा गांव का है.

बच्चे का शव इस हालत में पड़ा था कि भेड़िया उसके दोनों हाथ और एक पैर खा चुका था. मां ने भेड़िए का पीछा किया, लेकिन अंधेरे की वजह से भाग गया. बच्चे आयुष की मां खुशबू की शादी फखरपुर थाना क्षेत्र के कोठवल कला गांव में हुई है. वह 15 दिन पहले बेटे के साथ मायके गढ़ीपुरवा आई थीं. गर्मी के कारण खुशबू घर के बरामदे में बेटे को गोद में लेकर चारपाई पर लेटी थीं. इसी बीच रात 12 बजे भेड़िया दबे पांव घर में घुस आया और खुशबू की गोद से बच्चे को खींच लिया. जैसे ही उसने बच्चे की गर्दन को जबड़ों में दबाया, मासूम चीख पड़ा. चीखने की आवाज सुनकर खुशबू की आंख खुल गई. देखा तो भेड़िया बेटे को लेकर भाग रहा था. उन्होंने चिल्लाते हुए उसका पीछा किया, लेकिन अंधेरा ज्यादा होने की वजह से भेड़िया खेतों की ओर भाग गया. तब तक घर के बाकी लोग भी बाहर आ गए.

वनाधिकारी प्रभागीय वनाधिकारी अजीत सिंह ने कहा– ग्रामीणों ने भेड़िए के हमले की बात कही है. इसकी जांच की जा रही है. हालांकि घटनास्थल के पास दो सियारों की लोकेशन मिली है. आशंका है कि हमला सियारों ने किया है. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की. हालांकि, अब तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची है.
2 साल में 12 लोगों की जान ले चुके हैं भेड़िए: बहराइच में पिछले 2 वर्षों में भेड़ियों के हमले में अब तक 10 बच्चों और 2 युवकों की जान जा चुकी है. पिछले साल अगस्त और सितंबर महीने में भेड़िए ने जमकर आतंक मचाया था. तब भेड़िए के हमलों की गूंज विधानसभा तक पहुंची थी. इसके बाद मुख्यमंत्री खुद बहराइच जाकर मृतकों के परिजनों से मिले थे. उन्होंने आदेश दिया था- भेड़िया हमला करता दिखे तो उसे गोली मार दी जाए. 6 अक्टूबर को लंगड़ा भेड़िया मारा गया था. उसके बाद से भेड़िया बहराइच में दिखाई नहीं दिया था.
















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