आगरा में यमुना में रील बना रहीं 6 बहनें डूबकर मौत: एक-दूसरे को बचाने में गई जान,7 दिन पहले हुई थी एंगेजमेंट

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आगरा में यमुना नदी में नहाने गई 6 बहनों की डूबने से मौत हो गई. जिस जगह ये हादसा हुआ, उससे उनका घर सिर्फ 800 मीटर दूर है. डूबने से पहले 6 बहनें मोबाइल पर रील बना रही थीं, ये वीडियो भी पुलिस को मिले हैं.

6 बहनों से पहले उन्हीं के परिवार के 4 चचेरे भाई यमुना नदी पर नहाने गए थे. भाइयों ने डूब रही बहनों को बचाने का प्रयास किया, मगर वह भी डूबने लगे, तो बहनों का हाथ छोड़ दिया. घटनास्थल से 2Km दूर मौजूद स्टीमर और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया. 2 घंटे बाद करीब 1.5 Km दूर नदी में बहनें मिली. सभी 6 बच्चियों को बाहर निकाला. तीन सगी और एक चचेरी बहन की मौत हो चुकी थी. दो बच्चियों को पुलिस के जवानों ने CPR दिया, तो उनकी सांस चलने लगी. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है. मगर 3 घंटे के इलाज के बाद उनकी भी मौत हो गई। यह घटना सिकंदरा के नगला स्वामी गांव की है.

यूपी सरकार ने मरने वालों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है.

भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पहले 4 चचेरे भाई नहाने गए, पीछे-पीछे 6 बहनें पहुंची सिकंदरा के नगला स्वामी गांव में सुरेश और दिनेश का परिवार रहता है, दोनों भाई हैं. मंगलवार सुबह 10 बजे सुरेश की बेटियां मुस्कान (17), संध्या (15) और दिव्या (14) यमुना नदी पर नहाने जा रही थीं. उनके साथ दिनेश की बैटी नैना (13) भी गई. साथ में आगरा की टेढ़ी बगिया की रहने वाली मौसी की भी दो बेटियां सोनम और शिवानी नहाने चली गईं. इन 6 बहनों से पहले इसी परिवार के 4 चचेरे भाई भी यमुना नदी के तट पर नहाने गए थे. घर से सिर्फ 800 मीटर दूर ही यमुना की धारा निकलती है. वहां बहने पहुंची और मोबाइल से पानी में नहाते हुए वीडियो बनाने लगीं. इस दौरान छह बहनों ने हाथ पकड़ा हुआ था. इसके दो वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें बहने नहाते हुए दिख रही है. वह रील की तरह वीडियो शूट कर रही हैं.

नहाने से पहले की वीडियो भी पुलिस को मोबाइल में मिली हैं. भाई बोले- बहने एक साथ डूबने लगी, हम बचाने के लिए कूदे चचेरे भाइयों के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही बारिश हुई थी. नदी के पास बने कई गड्‌ढों में भी पानी भर गया था. धारा में बहाव भी थोड़ा तेज हो गया है. ऐसे ही एक गड्‌ढे में पैर जाने से सभी बहनें एक साथ डूबने लगीं. दो भाई यमुना नदी में बचाने के लिए कूद गए. उन्होंने सोनम और मुस्कान को बाहर खींचा, मगर एक बहन ने भाई का पैर पकड़ लिया जिससे वो भी गहरे पानी में चला गया. भाई के मुताबिक, तब उसने बहन का हाथ छोड़ दिया और बाहर निकल आया. इसके बाद उन लोगों ने गांव में फोन किया। 10 मिनट में ही परिवार के लोग नदी पर पहुंच गए. रेस्क्यू शुरू हुआ। क्योंकि, बाकी 4 बहनें बहकर दूर चली गई थीं. इस नदी में घटनास्थल से 2 Km की दूरी पर स्टीमर मौजूद था. गांव के लोग वहां से गोताखोर बुलाकर लाए. इसके बाद नदी में स्टीमर से रेस्क्यू अभियान चला। घटनास्थल से 1.5 Km दूर 4 बहनों की लाशें मिलीं. 2 बहनों को अस्पताल भेजा गया, मगर बचाया नहीं जा सका.

मुस्कान की शादी होनी थी, घर में चल रही थी तैयारी मुस्कान की 7 दिन पहले गोदभराई हुई थी. उसकी 1 नवंबर को शादी होनी थी, घर में इसकी तैयारी चल रही थी. परिवार के लोगों ने बताया – 5 जून को गंगा दशहरा है. मौसी की दोनों बेटियां सोनम और शिवानी इसीलिए घर आई थी. वह गंगा दशहरा पर सबके साथ स्नान के लिए जाने वाली थीं.

एडिशनल सीपी ने कहा- जवानों ने बच्चियों को CPR दिया एडिशनल सीपी राम बदन सिंह ने बताया- नगला स्वामी गांव में 6 बच्चियां यमुना नदी में नहाने के लिए गई थीं. नहाते समय गहराई में चली गईं। पैर फिसलने से डूबने लगीं. पहले 2 बच्चियां डूब रही थीं, उन्हें बचाने के प्रयास में बाकी 4 भी गहरे पानी में चली गईं। हादसे में 4 की मौत हो गई, जबकि 2 जब नदी से बाहर निकाला गया, उनकी सांस चल रही थी. पुलिस के जवानों ने बच्चियों को CPR भी दिया, 2 बच्चियों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, मगर बचाया नहीं जा सका. एक ही परिवार की चारों बेटियों हैं. इनमें तीन सगी बहनें हैं, जबकि चौथी बच्ची चचेरी बहन हैं, जबकि 2 मौसी के घर आईं थीं.

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