अमेठी में मंगलवार को एक रिफाइंड ऑयल से भरा टैंकर बेकाबू होकर पलट गया इससे हजारों लीटर रिफाइंड ऑयल सड़क किनारे खेत में जाकर भर गया. यह देखकर आस-पास के गांवों में रहने वाले लोग बाल्टी, डिब्बे और कंटेनर लेकर पहुंच गए. इनमें रिफाइंड भर-भरकर अपने घर ले जाने लगे.
तभी किसी ने पुलिस को खबर दे दी. इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खेतों से हटाया लेकिन, तब तक काफी मात्रा में तेल लूटा जा चुका था. पुलिस ने हादसे में घायल ड्राइवर को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया. घटना कमरौली थाना क्षेत्र के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग की है.

हजारों लीटर तेल खेत में में बनी नालियों में बह गया. यह देखते ही गांववालों की भीड़ लग गई. जगदीशपुर के रानीगंज निवासी ड्राइवर अमन (23) टैंकर लेकर पश्चिम बंगाल से कानपुर रिफाइनरी जा रहा था. टैंकर में 33 टन रिफाइंड लोड था। देर रात डेढ़ बजे कठौरा गांव के पास रोड पर गाय को बचाने में टैंकर पलट गया. इस हादसे में टैंकर ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे इलाज के लिए जगदीशपुर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. उसके सीने में चोट आई है. हालत अब ठीक है। टैंकर में 15 हजार लीटर तेल था प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टैंकर में करीब 15 हजार लीटर रिफाइंड ऑयल था. इसकी बाजार कीमत 18 से 20 लाख रुपए बताई जा रही है. इसमें से ज्यादातर तेल या तो खेतों की मिट्टी में एब्जॉर्ब हो गया या फिर उसे गांववाले भर ले गए. करीब 16 घंटे बाद ट्रक को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया गया. हादसे में टैंकर में लदा लगभग आधा रिफाइंड बह गया.
इस दौरान बड़ी संख्या में गांववाले कीचड़ से तेल निकालते नजर आए. क्या ये तेल इस्तेमाल करना सुरक्षित है? एक्सपर्ट का कहना है कि जमीन पर गिरा रिफाइंड ऑयल खाने योग्य नहीं रहता. मिट्टी, धूल, कीड़े-मकोड़े और रसायनों की मिलावट से यह तेल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. ऐसे तेल से बना खाना खाने से पेट में इन्फेक्शन या फूड पॉयजनिंग हो सकता है. साथ ही यह ऑयल लिवर पर भी असर डाल सकता है. कमरौली थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि ड्राइवर रामराज बाराबंकी का रहने वाला है. उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गांववालों के तेल भरने की जानकारी मिलने पर उन्हें मौके से हटाया गया. घटना की जांच की जा रही है। टैंकर मालिक को सूचना दे दी गई है.
















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