8000 सांपों को बचाने वाले यूट्यूबर मुरलीवाले हौसला को कोबरा ने डसा, निजी अस्पताल में भर्ती

Spread the love

UP के जौनपुर में फेमस सर्प मित्र और यूट्यूबर मुरलीवाले हौसला को कोबरा सांप ने डस लिया. लोगों के बुलाने पर वह एक गांव में पहुंचे थे. वहां जाल में कोबरा फंसा था. मुरलीवाले उसे निकालने लगे. तभी एकदम से सांप ने उनके हाथ में डस लिया.

इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। ग्रामीण उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल ले गए. जहां उनका इलाज चल रहा है. मामला जलालपुर थाना क्षेत्र के हरीपुर चकताली गांव का है. मुरलीवाले हौसला 8000 से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं.

मिली जानकारी के अनुसार हरीपुर चकताली गांव में एक कोबरा सांप जाल में फंस गया था. मंगलवार सुबह ग्रामीणों को इनकी जानकारी मिली. सर्प मित्र मुरलीवाले हौसला उर्फ मुरली धर यादव मौके पर पहुंचे. जाल में फंसे कोबरा को रेस्क्यू करना शुरू किया. सुबह करीब 9 बजकर 54 मिनट पर वह उनकी पूंछ जाल से छुड़ा रहे थे, तभी उसने डस लिया. इसके बाद हौसला ने पहले अपना प्राथमिक इलाज किया. सांप को जाल से छुड़ाया. फिर ग्रामीणों के साथ अस्पताल गए. गांव के युवकों ने उन्हें बाइक से 22 किलोमीटर दूर 40 मिनट में आशा दीप अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टर वीएस उपाध्याय उनका इलाज कर रहे हैं. 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम दी गई.

10 वायल एंटी-स्नेक वेनम दी: डॉ. बीएस उपाध्याय ने बताया- मुरली वाले को एक कोबरा सांप ने डस लिया. वे पूरी तरह से बेहोशी की हालत में हमारे यहां लाए गए थे. उनके हाथ से खून निकल रहा था. हमने तुरंत प्राथमिक उपचार करते हुए उनके हाथ को काटने की जगह से करीब 6 इंच ऊपर बांध दिया. उन्हें ICU में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. इलाज के दौरान उन्हें 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम (इंस्ट्रा वेलम) दी गई. फिलहाल उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं. वे अभी फॉलोअप में हैं और 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखे जाएंगे.

11 साल की उम्र में पहली बार पकड़ा था सांप: जौनपुर के बक्शा थाना क्षेत्र के बेलापार नौपेड़वा निवासी मुरलीवाले हौसला उर्फ मुरलीधर यादव (35) ने पहली बार सन 2000 में पड़ोसी के घर में चिमटे से सांप पकड़ा था. तब उनकी उम्र 11 साल थी. उसी पल उन्होंने तय कर लिया था कि आगे चलकर सांपों को बचाने का काम करेंगे. समय के साथ उन्होंने विषैले और गैर-विषैले दोनों तरह के सांपों को पकड़ने और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने में विशेषज्ञता हासिल कर ली लेकिन इस रास्ते में एक और बड़ा मोड़ तब आया, जब एक बचाव अभियान के दौरान उन्हें कोबरा ने काट लिया.

इस घटना ने उन्हें यह सिखाया कि चाहे वे इन जीवों को दुनिया के सबसे सुंदर प्राणी मानते हों, लेकिन इन्हें कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. मुरलीधर यादव ने शुरुआत में मानव जीवन को बचाने की नीयत से यह काम शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे उनका नजरिया सांपों को लेकर तरह बदल गया. अब वे इन सांपों को भी जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। उनके संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *