कानपुर के घाटमपुर तहसील के सजेती थाना क्षेत्र के भीतरगांव में असधना गांव में लकड़बग्घे के तीन शावक मिले हैं. ये शावक गांव के बाहर स्थित एक गिरी हुई बांस कोठी में रह रहे थे. बीते दिनों आई तेज आंधी में यह कोठी गिर गई थी.घाटमपुर वन क्षेत्राधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने बताया शावकों का जन्म दस बारह दिन पहले ही हुआ है. उच्चाधिकारियों के आदेश पर शावकों को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह भेजा जाएगा.
शनिवार को ग्रामीणों ने इन शावकों को देखा और वन विभाग को सूचना दी. वन दारोगा धीरज तिवारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की. उन्होंने बताया कि तीनों शावक करीब 15 दिन के हैं और इनकी आंखें खुल चुकी हैं.
वन विभाग ने शावकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं. कोठी को हटाकर बच्चों को सुरक्षित किया जाएगा. साथ ही, यदि उनके माता-पिता दिखाई देते हैं, तो उन्हें भी गांव से दूर किया जाएगा. घाटमपुर वनाधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर प्रशासन को सूचना दे दी गई है. गांव में लकड़बग्घों की मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल है. ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए छोटे बच्चों को घर से बाहर निकलने से रोक दिया है. उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही सजेती क्षेत्र के कासिमपुर-लहुरीमऊ गांव के तालाब में एक घड़ियाल भी देखा गया था.
















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