इटावा प्रकरण पर बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद- ‘कथा कहने का हक सिर्फ ब्राह्मण को’

Spread the love

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इटावा में गैर-ब्राह्मण कथावाचकों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से कथा कहने का अधिकार सिर्फ ब्राह्मण को है. उनके अनुसार शास्त्रों के अनुसार सभी जातियों को कथा सुनाने के लिए ब्राह्मण ही उपयुक्त हैं.

इटावा में कथावाचक मुकुटमणि और संत कुमार यादव को कथित रूप से ब्राह्मण बनकर कथा कहने के कारण गांव वालों ने अपमानित किया. इस पर शंकराचार्य ने कहा कि अपनी जाति छिपाकर कथा कहना गलत है. अगर कोई ब्राह्मणों के बीच जाकर ब्राह्मण बनकर कथा कहेगा, तो यह धोखा है. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मामला धोखाधड़ी का है, तो पुलिस में 419-420 के तहत मामला दर्ज कराया जाना चाहिए था.

कथा कहने का अधिकार सिर्फ ब्राह्मण को

अखिलेश यादव द्वारा पीड़ित कथावाचकों को सम्मानित किए जाने पर शंकराचार्य ने कहा कि जाति के नाम पर अपराध को नहीं छुपाया जा सकता. कावड़ यात्रा मार्ग पर पकाया भोजन न खाने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि कच्ची चीजें किसी भी जाति से खरीदी जा सकती हैं, पर पकाया हुआ खाना शुद्धता के दृष्टिकोण से ठीक नहीं है.

सभी जातियों को कथा सुनाने के लिए ब्राह्मण ही उपयुक्त

बिहार चुनाव को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि हर विधानसभा से एक निर्दलीय उम्मीदवार गऊ के मुद्दे पर उतरेगा. इन उम्मीदवारों को गऊ मतदाता वोट करेंगे ताकि यह साफ हो सके कि गाय भी एक राजनीतिक मुद्दा है.  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *