कानपुर के पूर्व सीएमओ डॉ. हरी दत्त नेमी का दावा है कि हाईकोर्ट ने उनका निलंबन निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने फिर से कानपुर में ज्वाइन करने के आदेश दिए हैं. ये बातें उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कही हैं. कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह से विवाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था.

डीएम के खिलाफ अपशब्द कहते हुए ऑडियो सामने आया था: डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ बीते दिनों सीएमओ का एक के बाद एक कई ऑडियो वायरल हुए थे। उसमें डॉ. हरी दत्त नेमी उनको अपशब्द कहते सुनाई दे रहे थे. हालांकि डॉ. नेमी का कहना था ये मेरी ऑडियो नहीं है, इसे AI से कंवर्टर कर वायरल किया गया है.
19 जून को हुआ था निलंबन: 19 जून को डॉ. हरी दत्त नेमी के निलंबन का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने कैंप कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए जिलाधिकारी पर तमाम आरोप लगाए थे. उन्होंने जिलाधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके द्वारा हर मीटिंग मेरी इंसल्ट की गई. जिलाधिकारी ने मुझे थप्पड़ मारा, इसके अलावा जाती सूचक शब्दों का प्रयोग किया.
कोर्ट ने निलंबन पर लगाई रोक: डॉ. नेमी का कहना है कि मैंने हाईकोर्ट प्रार्थना पत्र दिया था और वहां पर अपनी पूरी समस्या बताई हैं. इसके बाद वहां से मेरे निलंबन पर रोक लगा दी गई हैं. मैं वापस कानपुर आउंगा. वहीं, वर्तमान सीएमओ डॉ. उदयनाथ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं हैं, न ही मेरे पास कोई पत्र आया हैं.
सबसे पहले डॉक्टर नेमी के ड्राइवर का ऑडियो सामने आया था: सबसे पहले डॉ. नेमी के ड्राइवर का एक ऑडियो वायरल हुआ था. इसके बाद सीएमओ का एक के बाद एक तीन ऑडियो वायरल हुए. एक ऑडियो में वो जिलाधिकारी के लिए अपशब्द बोल रहे थे तो दूसरे ऑडियो में वो भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे थे. ये ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. इसके बाद मामला ऊपर तक के अधिकारियों तक पहुंचा था.
डीएम ने लिखा था पत्र: जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा था. उनकी कार्यशैली को भी सही नहीं बताया गया था. इसके बाद सीएमओ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई.
















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