कानपुर में सीएमओ की कुर्सी को लेकर बुधवार सुबह जमकर तू-तू मैं-मैं हुई. पूर्व सीएमओ डॉ. हरी दत्त नेमी ने बुधवार सुबह करीब 9 बजे काशीराम अस्पताल स्थित अपने दफ्तर पहुंचे और सीएमओ की कुर्सी पर बैठ गए. उन्होंने कहा- मुझे फिर से ज्वाइन करने के आदेश है. इसलिए आया हूँ, मेरा निलंबन कोर्ट ने रोक दिया है.
पूर्व सीएमओ के पहुंचने की सूचना पर वर्तमान सीएमओ डॉ. उदयनाथ भी आधे घंटे बाद पहुंच गए. उन्होंने कहा-आप कैसे इस सीट पर बैठ गए. उठिए। इस पर डॉ. नेमी ने कहा कि मैं कोर्ट से स्टे लेकर आया हूं. आप शासन से बात करें. मुझे यहीं के लिए भेजा गया है, क्योंकि मेरा निलंबन कानपुर से ही हुआ था.

डॉ. उदयनाथ ने इसकी जानकारी तत्काल अपने सीनियर अधिकारियों को दी. उन्होंने कहा कि मेरे पास अभी कोई ऑर्डर नहीं आया हैं.
कानपुर में बुधवार को काशीराम अस्पताल स्थित ऑफिस में पहुंचे डॉ. हरिदत्त नेगी ने उपस्थित रजिस्टर मंगवाकर साइन किया. पूर्व सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के ऑफिस में पहुंचने के बाद स्टाफ के कर्मचारी भी पहुंच गए.

बता दें कानपुर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह से भिड़ने वाले CMO डॉ. हरी दत्त नेमी को 18 जून को सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद डॉ. हरी दत्त नेमी इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गए. न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकलपीठ ने 8 जुलाई को कोर्ट ने उनके निलंबन आदेश पर रोक लगा दी. और राज्य सरकार व विपक्षी को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है. अब याचिका की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। याची का कहना है कि विपक्षी ने याची के विरूद्ध बिना विभागीय जांच बैठाए, छोटे अपराध के आरोप में निलंबित कर विपक्षी संख्या तीन को सीएमओ बना दिया.
कोर्ट ने कहा-आदेश से ही स्पष्ट है कि निलंबित करते समय कोई जांच कार्यवाही नहीं की गई. आरोप ऐसा है कि बड़ा दंड नहीं दिया जा सकता. ऐसे में उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन व अपील) नियमावली के तहत निलंबित नहीं किया जा सकता.
















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