UP में 3 साल के लिये भर्ती होंगे आउटसोर्स कर्मचारी, 16 से 20 हजार वेतन; 3 साल का कॉन्ट्रैक्ट

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UP मंत्रिमंडल ने मंगलवार को विभिन्न विभागों और संस्थानों में आउटसोर्स कर्मचारियों को 16,000 रुपये से 20,000 रुपये मासिक मानदेय देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार और ऐसी नियुक्तियों में आरक्षण बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई.   दरअसल, सरकारी विभागों और संस्थानों के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं का प्रबंधन उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम के माध्यम से किया जाता है, जो कंपनी अधिनियम-2013 के अनुच्छेद 8 के तहत गठित एक गैर-वित्तीय और गैर-लाभकारी सार्वजनिक कंपनी है.

राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. 

उन्होंने बताया कि निगम सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से सेवा प्रदाताओं का चयन करेगा. आउटसोर्स कर्मचारियों को प्रति माह 26 कार्य दिवसों के लिए नियुक्त किया जाएगा, उन्हें प्रत्येक माह की पहली और 5 तारीख के बीच मानदेय मिलेगा और उनकी नियुक्ति अवधि 3 वर्ष होगी. 

खन्ना ने बताया कि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने आगे बताया कि आउटसोर्सिंग आधारित नियुक्तियों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित, दिव्यांगजन और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होगा. 

सुरेश खन्ना ने कहा, “अब तक, मानदेय या वेतन के रूप में दी जाने वाली राशि सेवा प्रदाता के खाते में जमा की जाती थी, जिसके कारण कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिलने की शिकायतें आती थीं.”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन, बेहतर सेवा शर्तें और आरक्षण का लाभ मिले.”

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