GST काउंसिल द्वारा बैटरी पर जीएसटी 28% से घटकर 18% किए जाने का असर बिक्री पर साफ दिख रहा है. ई-रिक्शा से लेकर कमर्शियल वाहनों में बहुत जरूरी नहीं होने पर लोग बैटरी की खरीद को 22 सितम्बर तक के लिए टाल रहे हैं. नतीजतन, सस्ते के इंतजार में इन्वर्टर-बैटरी की बिक्री 70% तक गिर गई है.
बैटरी का कारोबार अब पूरे साल चलता है. घरों में इन्वर्टर-बैटरी की बिक्री तो रहती ही है, बाइक और स्कूटर में किक स्टार्ट खत्म होने से बैटरी पर निर्भरता बढ़ गई है. वहीं ई-रिक्शा की संख्या भी साल दर साल बढ़ रही है. नतीजा यह है कि मोहल्लों में बैटरी चार्जिंग के स्टेशन खुल गए हैं. लोगों के लिए यह रोजगार का नया जरिया बन गया है. दो दशक से बैटरी कारोबार से जुड़े दीपक जायसवाल का कहना है कि घरों में प्रयोग होने वाली बैटरी और इन्वर्टर 16000 से लेकर 22000 रुपये के बीच आती है.
GST का स्लैब कम होने से 1500 से लेकर 2500 रुपये तक बचत की उम्मीद है. नवरात्र के शुरू होने के साथ बंपर बिक्री की उम्मीद है. बैटरी कारोबार से जुड़े असलम परवेज का कहना है कि दिव्यांग साइकिल, इलेक्ट्रिक स्कूटर, ईवी कार, सोलर लाइट, ई-साइकिल, सोलर स्ट्रीट लाइट में बैटरी लगती है. सभी प्रकार की बैटरी पर 10% जीएसटी घटने का लाभ मिलेगा. सर्वाधिक लाभ इलेक्ट्रिक स्कूटर पर मिलेगा। नई बैटरी 35000 से लेकर 45000 रुपये में मिलती है. इस पर 3000 से 4500 रुपये तक का लाभ की उम्मीद है.
सोलर बैटरी और इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी लाभ: सोलर बैटरी में अभी तक 12% जीएसटी लगता है. इसमें दो पैनल, एक बैटरी और एक इन्वर्टर लेना होता है. नए जीएसटी स्लैब में इसे 5% कर दिया गया है. कॉम्बो में पूरा पैकेज 35 से 40 हजार रुपये में मिलता है. स्लैब कम होने से 2500 से लेकर 4000 रुपये तक का लाभ होने की उम्मीद है. ऑटो पार्ट्स की दुकान संचालित करने वाले संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर ही नहीं सामान्य बाइक और स्कूटर में भी बैटरी अहम है। रोज दो से तीन बैटरी की बिक्री होती है. जरूरी नहीं होने पर लोग बैटरी खरीद के लिए 22 सितम्बर का इंतजार कर रहे हैं.















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