करवा चौथ व्रत को लेकर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा, ये सब लोक परंपराएं हैं. छोटी-मोटी बाते हैं। कोई भी व्रत रखने से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु को नहीं रोका या टाला जा सकता. भगवान ने जो लिख दिया वो होना ही है.
दरअसल, एक महिला ने एकांतिक वार्तालाप में संत प्रेमानंद से पूछा था- महिलाएं जो करवा चौथ का व्रत रखती हैं उसका मकसद क्या होता है? क्या यह व्रत रखने से क्या पति की आयु लंबी होती है? जिसका प्रेमानंद महाराज ने जवाब दिया. महाराज ने ये प्रवचन कब दिया था, यह क्लियर नहीं है। लेकिन, आज करवा चौथ पर उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अनुष्ठान संकटों को टालते हैं: संत प्रेमानंद ने कहा- अनुष्ठान संकटों को टालते हैं. मृत्यु जब निश्चित है तो तब ही हो जाएगी. प्रेमानंद महाराज ने बताया, पहले ही विधाता व्यक्ति की आयु और मृत्यु लिख देते हैं. व्यक्ति की मृत्यु किसी पूजा या कर्म कांड से नहीं बदल सकती है. कोई भी व्रत, अनुष्ठान और पूजा छोटे-मोटे संकटों को दूर कर सकती है. अगर कोई मां अपने बेटे के लिए व्रत रखती है, तो उसकी तबीयत में सुधार हो सकता है, लेकिन किसी भी व्रत या जप को करके व्यक्ति की मृत्यु नहीं टाला जा सकता.
संत प्रेमानंद ने कहा, अगर केवल मृत्यु का योग बन रहा है, तो महामृत्युंजय मंत्र के जाप से ही इस संकट को टाला जा सकता है. हालांकि मृत्यु जब निश्चित है वो तब हो ही जाएगी. मृत्यु को टाला नहीं जा सकता है.
संत प्रेमानंद की 5 दिन से डायलिसिस हो रही: मथुरा में ऑन कॉल इलाज कर रहे डॉक्टर बोले- महाराज पर बीमारी हावी नहीं. प्रेमानंद महाराज 2 अक्टूबर से पदयात्रा नहीं कर रहे हैं. केली कुंज आश्रम ने इसके पीछे उनके स्वास्थ का हवाला दिया है. सामने आया कि हफ्ते में 7 दिन उनकी डायलिसिस होने लगी थी, मगर अब फिर 5 दिन डायलिसिस की जा रही है.
स्वास्थ में सुधार है, मगर पद यात्रा कब शुरू करेंगे? इस संबंध में केली कुंज आश्रम की तरफ से कोई स्पष्ट मैसेज नहीं है. भक्त हर रोज यही आस लेकर आश्रम के रास्ते पर पहुंचते हैं कि शायद आज प्रेमानंद महाराज के दर्शन हो जाएं. हालांकि प्रेमानंद महाराज आश्रम में अनुयायियों से एकांत मुलाकात कर रहे हैं.















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