UP के बहराइच में नाव हादसे में अभी तक 8 लोग लापता हैं. 14 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. SSB, SDRF-NDRF और गोताखोरों की 50 सदस्यीय टीम 5 किमी एरिया में सर्च ऑपरेशन चला रही है. टीम पूरी रात लोगों को खोजती रही. लापता लोगों के घरवाले भी रातभर नदी किनारे बैठे रहे। वे लगातार रोए जा रहे हैं.
देर रात कमिश्नर और आईजी भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया. बुधवार शाम घटना कतर्नियाघाट वन्यजीव रेंज के भरथापुर गांव में कौड़ियाला नदी में हुई. यहां के लोग बाजार से खरीदारी करके लौट रहे थे. नाव में 22 लोग सवार थे, जिनमें 5 बच्चे भी थे. गांव वालों ने बताया- चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के गेट खोले गए थे, जिससे नदी का बहाव तेज था. बीच मझधार में नाव पेड़ की टहनी से टकरा गई. इसके बाद नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. हादसे के बाद 5 लोग तैरकर बाहर निकल आए. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। किसी तरह 8 और लोगों को बाहर निकाला गया. इसके अलावा, महिला मजेई (60) का शव भी बरामद किया गया.

कमिश्नर-आईजी देर रात पहुंचे, पीड़ित परिवारों से बात की: देवी पाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल और आईजी अमित पाठक देर रात घटनास्थल पर पहुंचे. पीड़ित परिवारों से मिले और बचाव कार्यों का जायजा लिया. आईजी ने बताया कि यहां दो नदियां साथ-साथ बहती हैं. कौड़ियाल नदी के किनारे भरतापुर गांव स्थित है. तेज बहाव के कारण नाव नदी में एक पुराने पेड़ की टहनी से टकरा गई और नाव पलट गई.

भारत-नेपाल बॉर्डर बसा है भरतापुर: गांवभरतापुर गांव बहराइच जिला मुख्यालय से करीब 150 किमी दूर है. यह गांव नेपाल बॉर्डर से भी सटा है. यहां से गेरूआ और कौड़ियाला नदी गुजरती है. यहां के लोग आवागमन के लिए केवल नाव पर निर्भर हैं. वन आरक्षित क्षेत्र होने के कारण यहां पक्के निर्माण पर रोक है.
















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