UP के अलीगढ़ में क्वार्सी थाना क्षेत्र में एक मामले में पुलिस प्रशासन को छह साल के एक बच्चे से शांतिभंग की आशंका है. इसके लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की ओर से बच्चे के नाम से नोटिस भेजा गया है, जिसे देखकर परिजन हैरान है. नोटिस में बच्चे को 30 अक्टूबर को तलब करते हुए एक लाख रुपये के मुचलके में पाबंद करने की चेतावनी तक दी गई है.
यह आदेश 10 अक्टूबर को जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि दो अक्टूबर को थाना क्वार्सी की ओर से रिपोर्ट प्रेषित की गई. इसमें कहा गया कि द्वितीया पक्ष छह साल का बालक व मोहल्ले के ही प्रथम पक्ष के बीच मकान के दरवाजे को खोलने को लेकर विवाद चल रहा है. इससे कभी भी शांति व्यवस्था भंग हो सकती है. ऐसे में धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत चालानी रिपोर्ट भेजते हुए विपक्षी को अधिक से अधिक धनराशि के मुचलके से पाबंद किया जाए.
इस पर अपर नगर मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने आदेश दिया कि 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे बालक को न्यायालय में उपस्थित होकर कारण बताएं कि क्यों न आपसे एक लाख रुपये की धनराशि की दो जमानतें व इतनी धनराशि का उपस्थिति मुचलका सरकार के हक में लेकर एक वर्ष तक के लिए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया जाए.
पहली कक्षा का छात्र है बच्चा, माता-पिता डॉक्टर जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे की जन्मतिथि 25 मई 2019 दर्ज है। वह शहर के एक प्रमुख स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है. उसके माता-पिता भी नामचीन अस्पतालों में डॉक्टर हैं. नोटिस देखकर वह हैरान हैं कि आखिर बिना सत्यापन किए आदेश कैसे जारी किया गया? पिता ने कहा कि इसे लेकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों से शिकायत की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी बच्चे के साथ ऐसा न हो.
सीओ तृतीय, सर्वम सिंह ने कहा कि त्रुटिवश ऐसा हुआ है. फिर भी दरोगा के खिलाफ दंडात्मक कारवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है. साथ ही पाबंद करने संबंधी रिपोर्ट को भी रद्द कराया जा रहा है. एसीएम द्वितीय, दिग्विजय सिंह ने कहा कि थाने से जो चालानी रिपोर्ट भेजी गई है, उसमें 40 वर्ष उम्र लिखकर आई थी. पाबंद किए जाने के नोटिस थाने की चालानी रिपोर्ट के आधार पर बनते हैं. इस संबंध में संबंधित विभाग को भी जांच करने को बोला गया है.
















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