बच्चा खरीदने बेचने गैंग की महिला एयरपोर्ट पर पकड़ी गयी, छह दिन के बच्चे को बॉटल से दूध ने पहुंचाया जेल

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वाराणसी के अतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आकासा एयरलाइंस के कर्मचारियों की सतर्कता ने बच्चा खरीद फरोख्त के एक बड़े मामले का खुलासा कर दिया है. एक महिला छह दिन के बच्चे का टिकट लेकर एक पुरुष के साथ एयरपोर्ट पर पहुंची थी तीनों के नाम पर बोर्डिंग पास भी जारी कर दिया गया. इसी बीच बच्चा गोद में लेकर कभी टहल रही तो कभी अजब तरीके से बैठ रही महिला की हरकतों से एयरलाइंस के कर्मचारियों को शक हुआ. पहला संदेह यह हुआ कि बच्चा केवल छह दिन का था और उसका टिकट खरीदा गया था. इसके अलावा महिला इतने छोटे बच्चे को बॉटल से दूध पिलाने की कोशिश कर रही थी.

 एयरलाइंस कर्मचारियों ने पहले सीआईएसएफ को मामले की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो एक के बाद एक कई कड़ियां जुड़ती गईं और बच्चा खरीदने बेचने के गैंग तक पुलिस पहुंच गई है. फिलहाल जिस अस्पताल से बच्चा खरीदकर महिला विमान पकड़ने पहुंची थी उस अस्पताल के संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. बच्चा किससे खरीदा गया इसकी पड़ताल की जा रही है. अभी तक हुई जांच में पता चला है कि वाराणसी चंदौली बार्डर पर स्थित दुल्हीपुर के अस्पताल और उसके आसपास यह रैकेट चल रहा था. पुलिस की टीमें लगातार दबिश देकर रही हैं.

वाराणसी के बाबतपुर स्थित एयरपोर्ट पर गुरुवार की शाम एक महिला गोद मे छह दिन के नवजात शिशु और एक पुरुष के साथ अकासा एयरलाइंस के विमान से बेगलुरु जाने के लिए पहुंची थी. टर्मिनल भवन मे प्रवेश के बाद एयरलाइन्स काउंटर पर बोर्डिंग पास भी ले लिया। बच्चे का भी टिकट लिया गया था ऐसे में उसका बर्थ सर्टिफिकेट भी महिला साथ लाई थी. जब बर्थ सर्टिफिकेट पर मां-पिता का नाम महिला और पुरुष के आधार पर लिखे नाम से अलग दिखा तो एयरलाइंस के कर्मचारियों को संदेह हो गया.

एयरलाइंस कर्मचारी लगातार महिला की हरकतों पर नजर रखने लगे. इसी बीच देखा कि केवल छह दिन के बच्चे को महिला बॉटल से दूध पिलाने की कोशिश कर रही है. कुर्सी पर उसके बैठने का अंदाज भी कुछ जुदा दिखाई दिया. इस पर महिला से बच्चे के बारे में पूछताछ शुरू हुई तो वह सकपका गई. इसके बाद तीनों को विमान पर चढ़ने से रोक दिया गया.

एयरलाइन्स कर्मचारियों ने इसकी सूचना उच्चधिकारियो को दी। सीआईएसएफ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की तो महिला सही जवाब नहीं दे सकी. इसके बाद स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी गई. मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी सत्यजीत सिंह ने भी महिला से पूछताछ की और उच्चधिकारियों को बच्चा खरीद बिक्री का मामला होने की जानकारी दी.

कुछ देर में ही एयरपोर्ट पर गोमती जोन डीसीपी मनीष संडिल्य के साथ एडीसीपी आकाश पटेल व एसीपी पिंडरा प्रतीक कुमार भी पहुंच गए. महिला और पुरुष को सीआईएसएफ कंट्रोल रूप मे ले जाकर गहानता से पूछताछ शुरू हो गई. महिला ने अपना नाम निधि सिंह उम्र लगभग 35 वर्ष बताया. उसने बताया कि दुल्हीपुर के केबी हॉस्पिटल से डॉ अमजद खान से यह बच्चा 50 हजार में खरीद है.

महिला ने बंगलुरु में रहने वाली अपनी बहन के संतान न होने के कारण पालन पोषण के लिये नवजात शिशु को खरीदने की बात कही. पुलिस ने बिना देर किए महिला के बताये अस्पताल में देर रात ही दबिश दी. वहां से डॉक्टर के घर दबिश दी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने महिला-पुरुष और डॉक्टर को जेल भेजने के साथ ही बच्चे को बाल शिशु गृह को सौंप दिया है.

फूलपुर थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि महिलाओं को बहला फुसला कर पैसे की लालच देकर नवजात शिशु की खरीद फरोख्त कर ऊंचे दामों मे निसंतान लोगों को बेचने का कार्य करते है. पुलिस ने बताया कि 17 अगस्त को नवजात शिशु का जन्म हुआ था. महिला नवजात शिशु को अपने पास नहीं रखना चाही तो डॉक्टर जमील खान ने निधि सिंह से संपर्क कर नवजात शिशु को 50 हजार मे बेच दिया. निधि बच्चे को अपनी देवरानी वन्दना पटेल को देने जा रही थी. गिरफ्तार व्यक्ति अशोक कुमार पटेल पुत्र राजाराम पटेल टेदुआ नारायणपुर मिर्जापुर का निवासी है.

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