श्रीकृष्ण जन्मभूमि में अजन्मे का जन्मोत्सव 26 अगस्त को भव्य रूप से मनाया जाएगा. श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि ठाकुरजी के श्रृंगार, पोशाक, मंदिर की साज-सज्जा एवं व्यवस्थाएं नयनाभिराम होंगी. कंस के कारागार के रूप में प्रसिद्ध श्रीगर्भ-गृह एवं कृष्ण चबूतरा की साज-सज्जा भक्तों को द्वापरकालीन कंस के कारागार की अनुभूति कराये, ऐसी तैयारियां चल रही हैं. कारीगरों द्वारा कृष्ण चबूतरा एवं गर्भगृह को कारागार के रूप में सजाया जा रहा है.
भगवान केशवदेव, श्रीगर्भगृह, राधा कृष्ण एवं योगमाया के श्रीविग्रह के लिए जरदोजी का कार्य, रेशम, जरी, रत्न-प्रतिकृति आदि के साथ सिल्क के वस्त्रत्त् पर किया जा रहा है. ठाकुरजी दिव्य मुकुट धारण करेंगे, भगवती योगमाया स्वर्ण मुकुट धारण कर दर्शन देंगी. राधा कृष्ण ‘सोम-चन्द्रिका’ पोशाक धारण करेंगे। नवरत्न जड़ित स्वर्ण कण्ठा भी ठाकुरजी को धारण कराया जायेगा. ठाकुरजी की पोशाक को 25अगस्त की शाम 6:00 बजे शोभायात्रा निकाल कर अर्पित की जाएगी.
26 अगस्त को प्रात: शहनाई एवं नगाड़ों की ध्वनि के साथ भगवान की मंगला आरती के दर्शन प्रात: 5:30 बजे से होंगे. प्रात: 8:00 बजे भगवान का दिव्य पंचामृत अभिषेक किया जायेगा, स्त्रत्तेतों का पाठ एवं पुष्पार्चन होगा. प्रात: 9:00 बजे भव्य पुष्पांजलि एवं महोत्सव संकल्प का कार्यक्रम युगल सरकार के श्रीचरणों में भागवत-भवन के दिव्य प्रांगण में आयोजित किया जायेगा. भगवान का कमल-पुष्प एवं तुलसीदल से पुष्पार्चन, मंगलार्चन वेदमंत्रों के मध्य किया जायेगा. ब्रज के गायक भजन-गायन करेंगे.
24 अगस्त से लीला मंच पर आयोजन
लीलामंच पर 24 अगस्त से 28 अगस्त तक शाम 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक लीलाओं का आयोजन किया जायेगा. 25 अगस्त को जन्मस्थान से उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संपूर्ण भारत से आमंत्रित नृत्य एवं वादन की भिन्न-भिन्न विद्याओं के जानकार कलाकारों की एक भव्य शोभायात्रा मुख्य प्रवेश द्वार (गेट नंबर-1) सेनिकालीजायेगी.
















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