बीमा के 50 लाख पाने के लिए पुतले को लिटाया चिता पर, चादर में लपेटकर लाये; कफन हटाया तो खुला राज

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हापुड़ के ब्रजघाट पर 4 युवक कार से एक शव लेकर आए. उसके लिए चिता सजाई, फिर उसे चादर में लिपटा हुआ ही लेटा दिया. वहां मौजूद लोगों को कुछ गड़बड़ लगी. उन्होंने चादर हटाई, तो अंदर से एक प्लास्टिक का पुतला निकला. मौके पर पहुंची पुलिस ने दिल्ली के 2 कपड़ा व्यापारी को हिरासत में लिया जबकि उनके साथी फरार हो गए.

पूछताछ में व्यापारी ने कहा- उसपर 50 लाख का कर्ज था. पैसे चुकाने के लिए उसने अपने जानने वाले का इंश्योरेंस कराकर खुद को नॉमिनी बनाया. इंश्योरेंस का पैसा लेने के लिए ये सारी साजिश रची. मामला गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के ब्रजघाट का है. घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है.

कार की डिग्गी में भी एक प्लास्टिक का पुतला पड़ा था जिसे पुलिस ने बरामद किया है.

मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के 2 कपड़ा व्यापारी कमल सोमानी और आशीष खुराना समेत 4 लोग गुरुवार को हापुड़ के गंगा किनारे ब्रजघाट पहुंचे. श्मशान घाट पर काम करने वाले नितिन ने बताया कि दोपहर में HR नंबर की i-20 कार आई. उसमें से उतरे दो लोगों ने दुकान से घी और अंतिम संस्कार के अन्य सामान खरीदे. इसके बाद घाट किनारे चिता सजाने के लिए बोला. जब चिता सज गई तो गाड़ी से चादर में लिपटी एक लाश निकाली और चिता पर लिटा दिया. नितिन ने बताया कि वो चादर नहीं खोल रहे थे. मुझे शक हुआ तो मैंने चादर खोलने के लिए कहा. इसपर उनसे मेरी बहस होने लगी.

काफी देर बहस के बाद उन्होंने चादर हटाया तो अंदर से एक प्लास्टिक का पुतला निकला. इसके बारे में पूछने पर दोनों गोलमोल जवाब देने लगे. मैंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. नितिन ने बताया कि ब्रजघाट पर 4 लोग आए थे. पुलिस के पहुंचने से पहले दो युवक मौके से भाग गए, जबकि दो को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. गाड़ी से दो और प्लास्टिक के पुतले मिले हैं. पहले पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि हमें ये बॉडी अंसारी हॉस्पिटल पालम दिल्ली के स्टाफ द्वारा सील करके दी गई थी. यहां देखा तो बॉडी की जगह पुतला निकला. हमें नहीं पता कि ये कैसे हुआ.

पुलिस हाथ पकड़कर 2 युवकों को थाने लेकर गई। यही दोनों कपड़ा व्यापारी हैं। पुलिस ने उससे बात की, जिसके पुतले का अंतिम संस्कार कर रहे थे कमल ने कहा- अंशुल के मरने की पुष्टि होने के बाद मुझे इंश्योरेंस के 50 लाख रुपए मिलते. इसीलिए मैंने अंशुल को मरा दिखाने के लिए दुकान का एक मैनीक्विन (प्लास्टिक का पुतला) लेकर ब्रजघाट अंतिम संस्कार के लिए आया था. अंतिम संस्कार के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर इंश्योरेंस के पैसे आसानी से मिल जाते. इसके बाद पुलिसवालों ने अंशुल से कमल सोमानी के मोबाइल से वीडियो कॉल करके बातचीत की. फोन पर अंशुल ने बताया कि मैं कुछ दिनों से अपने स्थायी निवास प्रयागराज में रह रहा हूं. कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज बालियान ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है. हर एंगल से जांच हो रही है. 

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