पीलीभीत में विवादित सपा कार्यालय को नगर पालिका ने शनिवार को खाली करा दिया. अब यह नपा ईओ का आवास रहेगा. शहर के नकटा दाना चौराहे पर बने कार्यालय के ताले को तोड़कर यह कार्रवाई की गई. इस दौरान 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और नपा कर्मचारी मौजूद रहे.
बता दें कि साल 2005 में नपा ने इस ईओ आवास को कार्यालय के लिए 115 रुपए मासिक किराए पर सपा को दिया था. इसके बाद नपा ने 12 नवंबर 2020 को यह आवंटन रद्द कर दिया था. आवंटन रद्द करने का तर्क यह दिया गया कि प्रक्रिया निर्धारित तरीके से नहीं हुई थी. इसके बाद सपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे उन्होंने 1 दिसंबर 2020 को खुद ही वापस ले लिया था. इसी बीच, नपा ने कार्यालय को खाली करने का अल्टीमेटम सपा को दिया था.

29 नवंबर शनिवार को एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार और सीओ दीपक चतुर्वेदी कई थानों की फोर्स के साथ आवास पर कब्जा लेने पहुंचे. नगर पालिका की टीम ने हथौड़े से आवास के बाहर लगे तीन ताले तोड़ दिए और अंदर का सामान बाहर निकाल दिया. समाजवादी पार्टी का कार्यालय खाली करने की प्रक्रिया के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता दूर-दूर तक नजर नहीं आए ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सपा नेताओं ने पार्टी कार्यालय खाली करने के लिए मूक सहमति दे दी.
कार्यालय के अंदर से ये सामान मिले- 37 कुर्सी, 1 टेबल, 1 रिलैक्सिंग चेयर, 6 स्टील चेयर, 1, पार्टी की लकड़ी, 1 एसी, 1 सिलिंग फैन, 1 दिवार घड़ी, 3 ट्यूबलाइट, 1 स्टेबलाइजर, 32 फोटो, 2 डस्टबीन, 1 इन्वर्टर-बैट्री, 1 बड़ा फ्लैक्स, 1 चाय केतली.
















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