राहुल बोले- जातीय जनगणना इसलिए जरूरी कि अभी तक एक भी दलित-OBC मिस इंडिया नहीं बनी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में संविधान सभा सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने जातीय जनगणना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि देश में ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्गों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है. राहुल गांधी ने कहा कि बिना जनगणना के देश की 100 फीसदी आबादी की सही भागीदारी सुनिश्चित करना मुश्किल है.

राहुल गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें. 

  1. राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी जातीय जनगणना में सिर्फ ‘ओबीसी’ लिखने की बात कह रही है, लेकिन उनकी मांग है कि हर वर्ग की अलग-अलग गणना होनी चाहिए. इससे यह पता चल सकेगा कि कौन सा वर्ग कितनी आबादी रखता है और उसकी भागीदारी कितनी होनी चाहिए. राहुल ने कहा कि बिना आबादी का सही आंकड़ा जाने, नीतियां बनाना व्यर्थ है. 
  2. उन्होंने अपने भाषण में जोर देते हुए कहा कि उनके विजन में भारत में धन का सही बंटवारा शामिल है. उन्होंने सवाल उठाया कि देश के बड़े उद्योगपतियों में कोई भी ओबीसी, दलित या आदिवासी क्यों नहीं है? साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि ज्यूडिसरी, मीडिया और ब्यूरोक्रेसी में इन वर्गों की भागीदारी बहुत कम है. 
  3. राहुल गांधी ने कहा कि भारत की 50 फीसदी आबादी ओबीसी वर्ग की है, लेकिन उनकी भागीदारी को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि देश की सच्चाई के आधार पर ही नीतियां बनाई जानी चाहिए, वरना उनका कोई मतलब नहीं होगा. जातीय जनगणना को वह इस दिशा में पहला कदम मानते हैं.
  4. उन्होंने अपनी तुलना एक दस सिलेंडर वाली गाड़ी से की, जिसमें से नौ सिलेंडर बंद पड़े हैं. उनका लक्ष्य है कि सभी सिलेंडर काम करें और सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो. उन्होंने कहा कि मौजूदा बैंकिंग सिस्टम 15 लोगों के लिए बनाया गया है, जिसमें कोई भी दलित, आदिवासी या अल्पसंख्यक शामिल नहीं है. 
  5. राहुल गांधी ने मिस इंडिया प्रतियोगिता का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी कोई दलित, ओबीसी या आदिवासी महिला शामिल नहीं है. उन्होंने इस मुद्दे पर भी मीडिया को आड़े हाथों लिया और कहा कि मीडिया में कभी किसी मोची, धोबी या प्लम्बर का इंटरव्यू नहीं दिखाया जाता है. 
  6. राहुल ने आरोप लगाया कि देश की 90 फीसदी आबादी को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है और सिर्फ 10 फीसदी लोगों के लिए ही सबकुछ सीमित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना की मांग पर सवाल उठाने वालों पर देश को बांटने का आरोप लगाया जाता है, जो गलत है. 
  7. उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि चुनाव आयोग, ज्यूडिसरी और मीडिया में 90 फीसदी की कोई भागीदारी नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि सिर्फ संविधान ही है जो सबकी रक्षा की बात करता है, और इसका संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है. 
  8. उन्होंने संविधान की किताब दिखाते हुए कहा कि अदानी जैसे बड़े उद्योगपति भी इसकी रक्षा नहीं कर सकते. उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान गरीब, किसान और मजदूरों का प्रोटेक्शन है, जिसे बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है. 
  9. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि अब उन्हें जातीय जनगणना का आदेश जारी करना चाहिए. अगर वह नहीं करेंगे, तो आने वाला प्रधानमंत्री इसे जरूर करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह जातीय जनगणना को लेकर राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह उनके मिशन का हिस्सा है और वह इससे पीछे नहीं हटेंगे, भले ही पॉलिटिकल नुकसान हो.

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