लखनऊ के अलीगंज इलाके में बदहाल सफाई व्यवस्था पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने तीखी नाराजगी जताई. शनिवार को जोन-3 अलीगंज के निरीक्षण के दौरान पता चला कि नाली की सफाई एक साल से नहीं हुई. इस पर नाराज महापौर ने नगर निगम कर्मचारियों से कहा कि… तुम्हें इसी गंदी नाली में डुबो दूंगी. काम नहीं कर पा रहे हो तो इस्तीफ देकर घर चले जाओ. उन्होंने कहा कि इसी सफाई के लिए नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं. जनता के टैक्स का पैसा है, सफाई तो करनी पड़ेगी.
मालूम हो कि दो माह पहले कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने भी नगर निगम के अफसर को ऐसी ही धमकी दी थी.
महापौर का गुस्सा देखकर जोनल अधिकारी सफाई देते दिखे. भरोसा दिलाय कि कमियां जल्द दूर करेंगे. महापौर ने इसके पूर्व निरीक्षण की शुरुआत विवेकानन्द पुरी महानगर से की. वहां बी 709 के भवन स्वामी ने बताया कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आती है. सफाई कर्मचारी भी नहीं आते। महापौर ने नियमित सफाई का जोनल सेनेटरी अधिकारी को निर्देश दिया. वार्ड में सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी. इसके बाद उन्होंने भरवारा मल्हौर वार्ड का निरीक्षण किया. यहां शाहपुर प्राथमिक स्कूल के पास सड़क खोद कर सीवर लाइन डाली जा रही थी. इस पर भी महापौर नाराज हुईं। कहा कि 27 जुलाई को उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि 30 सितम्बर तक सीवर लाइन की खुदाई न करें. बावजूद इसके कार्य चालू रखा गया. महापौर ने मौके पर हो रहे कार्य की गुणवत्ता जांच के निर्देश अपर नगर आयुक्त ललित कुमार को दिए हैं. प्रेमबाग स्थित कमल सुपर स्टोर के पास स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में सफाई कर्मचारी नहीं आ रहे हैं. पूरे इलाके में गंदगी व्याप्त है. महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस पर अपर नगर आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए.
कंपनी के खिलाफ क्यों नहीं की कार्रवाई नगर निगम के अफसरों ने जब देखा कि महापौर गुस्से में हैं तो गेंद कार्यदाई संस्था सुएज इंडिया के पाले में डाल दी। कहा कि सफाई करने वाली कंपनी ठीक काम नहीं कर रही. इस पर महापौर ने कहा कि जब कंपनी काम नहीं कर रही थी, तो आपने इनके खिलाफ क्या कार्रवाई की. उन्होंने सुएज कंपनी के अधिकारियों को फोन लगाकर टेंडर वापस लेने की चेतावनी दी. सुएज इंडिया के अधिकारियों से पूछा कि मौके पर क्यों नहीं आए.
क्या पांच दिन पहले यहां सफाई हुई थी नालियों में गंदगी देख महापौर ने अधिकारियों से पूछा कि क्या यहां पांच दिन पहले सफाई कराई गई थी? आप तो कह रहे थे कि सफाई कराई गई थी, क्या यही आपकी सफाई व्यवस्था है. इसके बाद महापौर ने अधिकारियों से पूछा कि यहां पर कितने सफाईकर्मी हैं? इस पर अधिकारियों ने कहा- मैडम 55 कर्मचारी काम करते हैं. महापौर ने सभी कर्मियों के आधार और पासबुक का विवरण मांगा.
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम का हुआ विरोध चौक में चरक चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर निगम अधिकारियों का स्थानीय लोगों ने भारी विरोध किया. नाले पर रातोंरात कब्जा कर निर्माण कराया गया था. जब नगर निगम की जेसीबी पहुंची तो लोग नोकझोंक करने लगे. नगर निगम का लाउडस्पीकर छीनने का प्रयास किया। जोनल अधिकारी शिल्पा के अनुसार अवैध निर्माण जल्दी ही किया गया था. जिसने अतिक्रमण किया था वह खुद चुपचाप किनारे खड़ा था लेकिन बाकी लोग विरोध जता रहे थे. वहीं, नगर निगम का अभियान आगे बुलाकी अड्डा, तुरियागंज चौराहे तक चला. गिरधारी सिंह स्कूल के आसपास भी अभियान चला.















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